लोगों ने कहा,
ये सबसे ख़राब जनरेशन है।
पर किसे पता,
यही सबसे बेमिसाल जनरेशन है।
हम तो घुट-घुटकर जीते रहे बरसों से,
न कोई सवाल पूछा अपने आकाओं से।
जो मिला, उसी में गुज़ारा किया,
न हक़ के लिए कभी फ़ैसला किया।
बरसों से जीते रहे नफ़रत के साये में,
टूटते रहे, फिर भी ख़ुद को बनाते रहे।
हर दर्द को सीने में दबाते रहे,
ख़ामोशी को अपनी किस्मत बताते रहे।
अब नई ये जनरेशन है,
ये तो सवाल पूछेगी।
अपने हक़ के लिए,
हर लड़ाई डटकर लड़ेगी।
जितनी है तुममें ताकत,
उतनी आवाज़ उठाओ।
सच की राह पर चलकर,
झूठ को आईना दिखाओ।
साथ इनके न कोई मीडिया,
न कोई और सहारा है।
फिर भी हौसलों का जुनून ही,
इनका सबसे बड़ा नारा है।
आज जो इन्हें कमज़ोर समझते हैं,
कल वही इनका नाम लेंगे।
ये नई जनरेशन है जनाब,
सिर्फ सवाल पूछेगी ही नहीं
बल्कि ये जवाब खुद लिखेगीI
जय हिंद जय भारत