18 july 2022
Bhai sahab
Is din को लेकर इतनी उत्साहित थी ...sbdo में बयां करना आसान नहीं है। हां ये बात नहीं है की ये एक बड़ा कुछ दुनियां जीत देने वाला दिन था...पर ये दिन था... दुनियां बदल देने वाला...सिर्फ मेरी दुनियां बदलने के लिए ये दिन काफी था।
17 की पूरी रात मैं सो नहीं पाई थी...जाहिर सी बात है यार...खुशी वाले दिन नींद कहा आती है।
नई जिंदगी नए लोग नई जगह अजीब अजीब ख्याल...और तो और सपने भी अजीब थे। घर से दूर तो रहना था वो टेंशन अलग थी...घबराहट गम डर बेचैनी खुशी जो भी मानो पर सबका मिला झूला रूप था जो एक खुशी के रूप में आंखो से नींद को कोसो दूर किए था।
18 की सुबह का दिन अपनी हवाओ में अलग ताजगी लिए था...पाली से जसवंतपुरा के लिए निकलना था ।घर से दूर जाने का दुख तब थोड़ा कम हुआ जब उस जगह की सुंदरता को देखा।।। कमाल की प्राकृतिक सुंदरता लिए थी वो जगह...मनमोहक।।
PTS में जब पहली बार गई तो इतने सारे लोगो को देख मेरा तो कॉन्फिडेंस युही डाउन हो गया... कार से उतरने की हिम्मत नही हुई पर जैसे तैसे थोड़ी हिम्मत जुटा के जब क्लास में गई तो क्लास किसी कोचिंग हॉल जैसी लग रही थी।। इतनी मुश्किल से 12th तक का बोरिंग क्लास टाइम निकाला था उसके बाद से कभी ऐसे क्लास नहीं ली...इतने लोग.. सब अजनबी ।लगा जैसे जेल में आ गई। कुछ भी अच्छा नहीं लग रहा था मन कर रहा था जैसे घर चली जाऊ। पर धीरे धीरे सब कुछ बदल गया।। सब अपने से लगने लगे...PTS परिवार सा लगने लगा... 3 महीने कैसे निकल गए पता ही नही चला... क्योंकि कॉलेज जैसे यहां भी मैं क्लास बंक कर देती थी ...और जब पोस्टिंग वाला दिन आया तो दिल बहुत भारी सा हो आया...PTS जसवंतपुरा सब और ज्यादा प्यारे लगने लगे।
आज भी वो सारे दिन बड़े खूबसूरत लगते है।।।
Miss u all ❤️
Today We completed 1 year of Our Government Job😍 Our Togetherness🤝