नदिया किनारे मेरी महबूबा
वह नदी थी एक सुंदर सा जीवन की दस्तान,
जहां प्यार और रोमांस की थी मेरी कहानी।
उस नदी के किनारे मैंने उसे देखा,
बालों में हवा की झोंकों ने उसको सजाया।
वह एक आकर्षक अदाएं लेकर आई,
मेरे दिल को छू गई, मुझे आजमाने आई।
उसकी चाल थी चंचल, मुझे मदहोश कर गई,
जैसे नदी में बहती है वह मुझे लहराई।
हाथों में उसके हाथ थे कुछ ख्वाब संग,
साथ चलने का वादा किया उसने रंगीन रंग।
हम दोनों ने बसाया अपने दिल का घर,
नदी के किनारे बिताए थे अनमोल पल बहुत।
प्यार की बातों ने हमें आपस में जोड़ा,
हम अपनी महबूबा के संग हुए जुड़ा।
वह नदी किनारे मेरी महबूबा थी,
जिसने मेरे जीवन को सजाया था।
लेकिन जब बहार आई तूफान और बादल,
हमारे प्यार को आया था इक्का जवाब।
वह नदी किनारे मेरी महबूबा थी,
पर अब वह दूर हो गई थी।
प्यार की ये कहानी एक सपने सी बन गई,
नदी के किनारे मेरी महबूबा छुप गई।
जीवन की यात्रा में आगे बढ़ते हुए,
मैं नदी के किनारे अकेला खड़ा रह गया।
प्यार की ये खोई हुई कहानी,
दिल में सदा रहेगी, बेमिसाल कहानी।
मेरी महबूबा की यादें साथ लेकर,
अगले किनारे की ओर निकल पड़ा।
नदी के लहरों के साथ खेलते-खेलते,
दूसरी कहानी का आगाज कर गया।
शायद नदी के वह किनारे न थे जो मेरे थे,
पर उम्मीद की किरणें लेकर, आगे बढ़ रहा था।
मेरी महबूबा से जुड़ी यादों की धारा,
नदी की धारा के साथ मिल रही थी।
मगर निश्चित था, कहानी के अगले पन्ने,
उसके साथ नहीं, अनजान किसी से बनेंगे।
अगले किनारे पर मेरी नयी महबूबा मिली,
एक नया चमत्कार, एक नया अंतर्मन खिली।
वह नदी किनारे मेरी नयी महबूबा थी,
जिसने मेरे जीवन को दिया नया मतलब।
ये नयी कहानी लिखते चलें,
नदी के किनारे मेरी महबूबा के संग।
जीवन की यात्रा में, प्यार की कहानियाँ,
नदी के लहरों के साथ हम चलेंगे।
मेरे दिल को छू लेने वाली नदी की लहरें,
जीवन के रंगों को और भर दें।
उठाते हैं मुझे एक अद्भुत आनंद,
नदी के किनारे, उसके संग ख्वाब सजाते हैं।
बिना शब्दों के भी हमारी बातें हो जाती हैं,
नदी की धारा में खो जाती हैं ये रातें।
जब एक दूसरे की आँखों में जीने की खोज करते हैं,
नदी के किनारे मोहब्बत की राह चलते हैं।
हमारी रौशनी है नदी के किनारे की छाया,
जहां सदैव सुख-शांति की होती है पाया।
महकती है हवाएं, चमकती है तारे,
नदी के किनारे अनमोल ये प्यारे।
जब मन में उदासी छाये, आँसू बहाएं,
नदी के किनारे मुस्कानें लौटाएं।
हर दर्द को बहा देती है नदी की लहरें,
मेरी महबूबा के संग ये जीवन को आह्लादित करें।
नदी के किनारे, हम दोनों मिलकर खड़े,
जीवन की यात्रा में एक दूजे का सहारा बने।
इस प्यार और विश्वास की यात्रा में आगे बढ़ते हैं,
नदी के किनारे हमारी महबूबा के संग ही रहते हैं।