"बहुत मुश्किल था"
तुम युंही मझधार में छोडके चले गए,
तुम्हारे बिना रहना बहुत मुश्किल था।
तुम्हारी यादों के सहारे अभी भी जिन्दा हूं,
क्योंकि तुम्हें भुला देना बहुत मुश्किल था।
कशिश थी वो तुम्हारी नीली नीली आंखों में
तुम्हारी प्रीत को भुलाना बहुत मुश्किल था।
तुम हमें अकेले छोड़कर चले गए,
तुम्हे अलविदा कहना बहुत मुश्किल था।
बिंदिया जानी (तेजबिंदु)
(स्वरचित रचना)