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गणतंत्र दिवस परेड में सम्मिलित होने का सपना -
बचपन से चाहत गणतंत्र दिवस परेड का हिस्सा किस्सा गौरव गान बनूं।।
गुरु शिक्षक राज पथ अब कर्तव्य पथ पर कदम बढ़ते भारत बैभव विकास शक्ति भागीदार बनूं।।
बरस दर बरस सत्य कहानी की जुबानी सुनता सुनते सुनते इच्छा अभिलाषा का शान बनूं।।
लहराती मन में भारत गौरव गरिमा गान गणतंत्र राष्ट्र अभिमान
बनूं।।
लहराते तिरंगे की बान मन कि चिंगारी ज्वाला बंनने गणतंत्र दिवस प्रकाश चिराग बनूं।।
2 -
गणतंत्र दिवस परेड में भागीदारी का मार्ग - राष्ट्रीय कैडेट कोर
मन मे ठानी जैसे भी सम्भव होगा तो दिवस परेड में जांऊँगा नए भारत के प्रभा प्रकाश फैलानुंगा।।
चिराग एक जलांऊगा संकल्प कठिन असम्भव नही चाह खोज लिया चाह कि राह।।
राष्ट्रीय कैडेड कोर में कठिन चुनौती सच का मार्ग पथ नित्य इच्छा परीक्षा का सत्यार्थ।।
खुद से लड़ता अनुशासन देश भक्ति भाव का समझता लम्बी कठिन चुनौती प्रक्रिया गुजरता।।
राष्ट्रीय कैडेड कोर में गणतंत्र दिवस परेड में सम्मिलित होने का सपना सत्य ।।
3-
गणतंत्र दिवस परेड में सम्मिलित होने के लिए चयन एवं नेतृव -
दो माह पूर्व ही दिल्ली पहुंचे कितने कठिन परीक्षण प्रक्रिया के बाद गणतन्त्र दिवस परेड में अंतिम चयन हुआ।।
दिवस पावन वह आया मन मे दृढ़ संकल्प संसय से मन पर संसय छाया ।।
भारत के कोने कोने से भाषा बोली धर्म समाज अनेक किंतु ध्येय एक राष्ट्र सर्वोपरि राष्ट्र ।।
जीवन समाज मे श्रेष्ठ शुरू हुई गणतंत्र दिवस परेड नेशनल कैडेड कोर की टोली का जज्बा आसमान पर ।।
टोली के हर सदस्य की चाहत महामहिम को सेल्यूट करे भारत का रौशन नाम करे ।।
सपना अपना भी गणतन्त्र दिवस परेड का नेशनल कैडेड कोर टीम का नेतृत्व किया ।।
बढ़ते भारत की शक्ति कि भक्ति में राष्ट्र भक्ति भवना की ज्योति ज्वालित प्रज्वलित प्रबल प्रखर प्रचंड हुआ।।
नन्दलाल मणि त्रिपाठी पीताम्बर गोरखपुर उतर प्रदेश।।