जींदगी
दीलमें दर्द और
होठोपे हँसीं
उसीका नाम जींदगी.
आंखोमें आँसूओकी धारा
ओर दामन वीरानियों से भरा हो
उसीका नाम जींदगी .
जींदगी की कस्ती हो मज़धार
और किनारा नज़र ना आये
उसीका नाम जींदगी.
घरकी चार दीवारें तो हाँसील हो
पर प्यारकी प्यास अनबुजी रहे
उसीका नाम जींदगी.
चारों ओर हँसीके फुवारे हो
और ज़ुबापें मन मन के ताले हो
उसीका नाम जींदगी .
कहनेंको सारा जंहा हमारा
पर अपना जीसको कहलाये
अैसा कोइना हो
उसीका नाम जींदगी .
जींदगी एक ऐसा नाजुकसा तोहफ़ा है
एक छोटीसी चिनगारी उसे जलादेती है
एक हलकीसी ठेस टुकडोमें बिखेर देती है
उसीका नाम है जींदगी .
दील तुटके बीखरजाता है
या अपनीहस्ती खुद जमानेसे मीटा लेते है
उसीका नाम है जींदगी.