अगर कुछ तमन्ना से ज्यादा मिल जाए तो उसकी खुशी का कोई ठिकाना नहीं होता...
अगर कुछ ऐसा मिल जाए जो ख्वाबों में देखा था उसे हकीकत बना सकूं तो उस से बढ़कर कोई वरदान नहीं हो सकता...
अगर मिल जाए खुदा तो उससे पूछूं कहां है ? मेरे ख्वाबों का ठिकाना...
- स्नेह सुंदरी...🥀