#Budha
Budham Sharnam Gachhami...🌷🌹💐👑🚩🇮🇳🧡🤍💚🇮🇳
इनका जन्म लुंबिनी में 563 ईसा पूर्व इक्ष्वाकु वंशीय क्षत्रिय शाक्य कुल के राजा शुद्धोधन के घर में हुआ था। उनकी माँ का नाम महामाया था जो कोलीय वंश से थीं, जिनका इनके जन्म के सात दिन बाद निधन हुआ, उनका पालन महारानी की छोटी सगी बहन महाप्रजापती गौतमी ने किया। 29 वर्ष की आयुु में सिद्धार्थ विवाहोपरांत एक मात्र प्रथम नवजात शिशु राहुल और धर्मपत्नी यशोधरा को त्यागकर संसार को जरा, मरण, दुखों से मुक्ति दिलाने के मार्ग एवं सत्य दिव्य ज्ञान की खोज में रात्रि में राजपाठ का मोह त्यागकर वन की ओर चले गए। वर्षों की कठोर साधना के पश्चात बोध गया (बिहार) में बोधि वृक्ष के नीचे उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई और वे सिद्धार्थ गौतम से भगवान बुद्ध बन गए। इतिहासकार पं. कोटा वेंकटचलम के अनुसार गौतम बुद्ध का जन्म १८८७ मे तथा निर्वाण १८०७ ईपू मे हुआ था और अनेकानेक इतिहासकार मानते हैं कि भारतीय तिथिक्रम, वंशावलीयो और पुरातत्व के अनुसार बुद्ध निर्वाण की यही तिथी सिद्ध होती है।