अंग्रेजो से आजादी भले ही मिली
संविधान बनाया भले ही हमने
राज तंत्र को खत्म किया भले ही हमने
देश को एक सूत्र मे बांधा हमने
फिर भी प्रश्न तो है
क्या संस्कृति स्वतंत्र हुई ?
देश की आत्मा स्वतंत्र हुई
हमने ऐसे प्रावधान डाले
विदेशी संस्कृति ही फले फूले
हमने खुद के गौरव को भुला
बस कहते भर है विश्व गुरू थे
वेदो मे विज्ञान भरा है,फिर भी
वे उपेक्षित क्यो है ?
यह खुशी अधुरी है
पर अब लगता है हमने
अपने अतीत को पहचान लिया है
संस्कृति क्या थी यह जान लिया है
अब सही दिशा मे कदम बढने लगे है
कदमों आहट लोग समझने लगे है
✍कैप्टन
#RepublicDay