कशिश...!
उसके आंखों के फैले काजल की वेहदगी मुझे बताती हैं..!
उसके दिल के अरमा की कहानी जुबां पे मिरि आती हैं..!!
अरमा दिल में रख चेहरे से वो देख मुझे मुस्कुराती हैं..!!
न कहती हैं न दिल ए हाल का वो वया कर पाती हैं..!!!
रंगत देख अंखों उसकी वजह मुझको समझ आती हैं..!!!
इक हूक उसकी भी मिरि भी दिल में दवी रह जाती हैं..!!!!
न साथ देता हैं इन फिजाओ की हवा का करवा मिरा..!!!!
के हौले से आकर न हवा भी आंसूओं को सूखा पाती हैं..!!!!!
उसके आंखों के..........
-Deepak Bundela AryMoulik