नाम राजा तो काम भी राजा सा किया,
स्वकृत्य कुरीतियों का दमन तुमने किया।।
समाज में कुरीतियों का खूब बोलबाला था,
तुच्छ नियमों से नारियों पर बेड़ा डाला था।
हर पल हर समाज ने अबला को दर्द दिया,
स्वकृत्य कुरीतियों का दमन तुमने किया।
नाम राजा तो काम भी राजा सा किया ।
उस समाज में जब पति यदि मर जाता,
समाज सती नाम पर पत्नी को मिटाता,
राम मोहन ने परिवर्तन का संकल्प लिया,
स्वकृत्य कुरीतियों का दमन तुमने किया।
नाम राजा तो काम भी राजा सा किया ।
खेलने की उम्र में बच्चों का विवाह करते,
दुष्परिणाम, कुछ युवा होने से पहले मरते,
सूझबूझ से राजा ने इसको खतम किया,
स्वकृत्य कुरीतियों का दमन तुमने किया।
नाम राजा तो काम भी राजा सा किया ।
पत्रकारिता से निज विचारों को थे धार देते,
जा समाज में कुरीति विरोध का आधार देते,
ब्रह्मसमाज की नींव रख नया आयाम दिया,
स्वकृत्य कुरीतियों का दमन तुमने किया।
नाम राजा तो काम भी राजा सा किया,
स्वकृत्य कुरीतियों का दमन तुमने किया।
ओम प्रकाश श्रीवास्तव ओम
कानपुर नगर