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साथ गुजारी सारी रातें याद रहीं
तुम न रहे पर सारी बातें याद रहीं
मेरे आँसू पीना अपनी आँखों से
सूखी सूखी सब बरसातें याद रहीं
सारे शिकवे दिल में दबकर दर्द हुए
दर्द रहा तो सारी घातें याद रहीं
हम दोनों ने छोड़ दिया सबकुछ अपना
दुनियां को बस जातें पातें याद रहीं
‘सिंह' उन्हें तुम ख़ाक वफ़ा सिखलाओगे
जिनको केवल शह औ मातें याद रहीं