#जय_गौमाता
होता है जिस का हृदय, दया-प्रेम का धाम
उस को देते हैं किशन, गौशाला का काम
ऋषि-मुनियों ने सूत से, पूछा - क्या है श्रेष्ठ
फ़ौरन बोले सूत जी, गौ सेवा है श्रेष्ठ
कौन काम लाभार्थ है कौन काम परमार्थ
गौ-पालन लाभार्थ है, गौ-सेवा परमार्थ
उस माँ को शत-शत नमन, वन्दन बारम्बार
गौ सेवा करता रहे, जिस का घर-परिवार