सबकुछ खो के में अब कुछ खोना नहीं चाहता , सस्ती हो गई है आंसू कि बूंदे जिंदगी में,
इस लिए मैं कभी रोना नहीं चाहता ।
बड़े नादान है हम पलके जुका के सुन रहे थे
वो बेफिक्र होकर लड़ते रहे, मुझे ऐसा लड़ना नही आता ।ख्वाबों को जिन आंखों में छोड़ आया अंजान, उस आंख से आंसू निकालना नही चाहता ।
ashok_chavda_Anjan...