क्षमा.....
क्षमा, मतलब माफी, माफी दुनिया का एक ऐसा शब्द है जो माफ़ी मांगने या माफ करने से इंसान के मन को शांति प्रदान करता है इंसान के मन से प्रेतिशोध की भावना को समाप्त करता है....
किंतु क्या हर स्थान पर माफ़ी मांगने से उस अपराध को माफ़ नहीं किया जा सकता हैं जैसे नारी का सम्मान,,,,नारी के सम्मान को ठेस पहुंचाने वाले व्यक्ति या उसके सम्मान भंग करने वाले किसी भी इंसान को माफ़ी मांगने पर माफ़ नही किया जाता....वो इंसान केवल मृत्यु का भागी है।
यदि कोई एक स्त्री का सम्मान भंग करता है और आप उसे माफ करते हैं तो ये उस अपराधी को एक और बड़ा अपराध करने साहस देते हैं....
ऐसे अपराधी को केवल मृत्यु दण्ड देने की आवश्यकता है केवल मृत्यु ही वो दंड है जो समाज में ऐसे अपराध करने वाले अपराधियों में भय उत्पन्न कर सकें, और समाज में एक नारी का मान सम्मान भंग होने पर प्रीतिरोध लग सकें।
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