सुनो ना संगमरमर की ये मीनारें
कुछ भी नहीं है आगे तुम्हारे
आज से दिल पे मेरे राज तुम्हारा
ताज तुम्हारा
सुनो ना संगमरमर...
बिन तेरे मद्धम-मद्धम
भी चल रही थी धड़कन
जब से मिले तुम हमें
आँचल से तेरे बंधे
दिल उड़ रहा है
सुनो ना आसमानों की ये सितारे
कुछ भी नहीं है आगे तुम्हारे
ये देखो सपने मेरे, नींदों से हो के तेरे
रातों से कहते हैं लो, हम तो सवेरे हैं वो
सच हो गए जो
सुनो ना दो जहानों के ये नज़ारे
कुछ भी नहीं है आगे तुम्हारे
आज से दिल पे...
सुनो ना संगमरमर...
Movie/Album: यंगिस्तान (2014)
Music By: जीत गांगुली
Lyrics By: कौसर मुनीर
Performed By: अरिजीत सिंह