मंजिल करीब है बस पहुँचने की बात है
ज्यादा सोचना भी उचित नहीं जाना जरूरी है
दिल में हौसला बढ़ाने की देर है मंजिल अपने पास है
वख्त कभी रुकता नही बस उसके साथ चलने की तलप चाहिए
मंजिल अपने आप रास्ता बनाएगी उसके साथ चलने की शुरुआत तो करो
-Shree...Ripal Vyas