इस क़दर तेरी चाहत में तेरी उम्मीद की ही अदा बन गया,
की ख़ुद में रह कर मैं तेरी ही हिफाजत का रज़ा बन गया।
मेरी फितरत से जिंदगी में जीने का मशवरा कम पड़ गया,
तेरे हाथो ने छुआ मेरी कलाई को बू-ए-वफा का जन्नत-ए-दौर बन गया।
दीवानगी उसकी साथ मेरी आसमाँ जमीं से हदे नाप गया,
मेने पर्वतों के गहरे अंधेरे में जलकर रोशनी का दीपक बना गया।
हर क़दम पर साथ चलकर सफ़र को ख़ुशनुमा कर गया,
तो दूसरी ओर ये रास्ता कभी ख़त्म ना हो ऐसी दुआ भी ले गया।
नाम मेरा मुकम्मल दुनिया में यू इतिहास सा संग मिलकर दुनिया से जुड़ गया
मेने जब जब तेरी ओर आना चाहा खुदा इश्क़ को मंजूर कर रास्ता फूलो से भर गया।
हर क़दम पर साथ चलकर सफ़र को ख़ुशनुमा कर गया,
तो दूसरी ओर ये रास्ता कभी ख़त्म ना हो ऐसी दुआ भी ले गया।
DEAR ZINDAGI 💞🌹♥️