#मिट्टीकी
जब सुबह- सबेरे उठकर
किसान मिट्टी मे हल चलावे,
हर दिन इस पावन मिट्टी के लिए
सिमा पर जवान अपना फर्ज निभाए,
इनका ख़याल बस इतना है ...
इस मिट्टी पर कोई आंच ना आए ।
और यह राजनेता हमारे ...
इस मिट्टी को बेच खाए,
ना समझ यह लोग मुझे ...
हर वक़्त उनकी जय-जय कार सुनाए ।