क्या बताए कैसी हो तुम??
मुस्कुराती फूलों भरी,
कलियों की सौगात हो,
क्या बताएं कैसी हो तुम,
बस बागों की बहार हो।
झिलमिलाती तारों से भरी,
शबनम सी रात हो
क्या बताये कैसी हो तुम
बस #चौदहवी का चांद हो।
प्यार के गीतों से भरी,
नगमों की सौगात हो,
क्या बताये कैसी हो तुम,
बस संगीत की तान हो।
शायरों के शेरों से भरी,
एक प्यारी गज़ल हो,
क्या बताये कैसी हो तुम
बस मेरे दिल का अरमान हो।
उमा वैष्णव
मौलिक और स्वरचित