किस बात का गिला करू,
आखिर क्यूं शिकवा करू,
तुमने कहा छोड़ दिया तुम्हे, मै नही मानता,
तुमने कहा भूला दिया तुम्हे, मै नही मानता,
रगों से ख़ून जुदा कर शकते हो?
दिल से धड़कन जुदा कर शकते हो?
रूह को बदन से जुदा कर शकते हो?
नहीं ना...
तो किस बात का गिला करू
आखिर क्यूं शिकवा करू।