स्वप्न थी वास्तविकता वधु सुंदर लागे,
दिवस थी रात वधु गमती लागे !
तने जोता आंखो ने आराम,
स्पर्शता रदय ने;
चूमता आत्मा ने !
तारी साथ मा काम - आराम अनें राम माथि राख थावानु थाय,
संगे तारी नभ मा उड़वा पांख थावा नू थाय;
नथी ख़बर ' प्रेम ' नी चोक्कस व्याख्या कोई,
बस तने जोता ज, कईक प्रेम जेवु थाय !
रोज थाय अने बस आज थाय,
तारी संगे जीवन नी सांझ थाय !
तु रहे हम्मेश एक शीतल जरना जेवी - चंचड़, मस्तीखोर, गाती - नाचती, मुस्कुराती ।
अने हुं एक नदी, जेने तु मड़ती !
- joy