My Painful Poem ...!!!!
चेहरा बता रहा था की बंदा भूख से मरा हैं,
Doctor बता रहा था कुछ खाने से मरा है,
माना मौत मुक़र्रर है हर बशरकी अपनी अपनी,
वक़्त की पाँबदी-ए-क़ुदरतकी मसलेहतके तहत,
पर अय ख़ालिक़-ए-कायनात यह कैसा तेरा इन्साफ़,
दी कीसीको बेईनतेहाँ गदाई, तो कीसीके काँसेमें बस
बेवकती बिदाई.!
✍️🌲🌹🌴🙏😇😇🙏🌴🌹🌲✍️