मिल जाऊंगा तो, दरिया हो जाऊंगा,
सिर्फ इसलिए कतरा हू, की में दरिया से जुदा हूं।
मिल जाऊंगा तो परमात्मा हो जाऊंगा,
सिर्फ इसलिए आत्मा हूं ,की में परमात्मा से जुदा हूं।
मिल जाऊंगा तो आस्मा हो जाऊंगा,
सिर्फ इसलिए घडाकाश हूं,की में आसमा से जुदा हूं।
मिल जाऊंगा तो गंगा हो जाऊंगा,
सिर्फ इसलिए नाली हूं, की में गंगा से जुदा हूं।
मिल जाऊंगी तो मीरा हो जाऊंगी,
सिर्फ इसलिए भोज हूं की में कृष्ण से जुदा हू।
मिल जाऊंगा तो नरसिंह हो जाऊंगा,
सिर्फ इसलिए नागर हू की में कृष्ण से जुदा हूं।
मिल जाऊंगा तो शिव हो जाऊंगा,
सिर्फ इसलिए जीव हू की शिव से जुदा हू।
मिल जाऊंगा तो गुरु हो जाऊंगा,
सिर्फ इसलिए शिष्य हूं कि गुरु के दिल से जुदा हूं।