कुछ लिखा था तेरी याद में,
मेरे आंसुओ ने मिटा दिया।
दोस्तों से छुपाई थी दिल की बात,
मेरे चेहरे ने सब बता दिया।
मेरी चाहतों का क्या सिला मिला,
जिसे टुट के चाहा,उसी ने मुझे भूला दिया।
रात एक ख़त लिखा था तेरे नाम,
लिख कर अपने ही हाथों से जला दिया।
गिला करना मेर पेशा नही,
तेरे दिदार की हसरत हैं।
आ देख मुझे तेरी महोब्बत ने,
क्या से क्या बना दिया।
कुछ लिखा था तेरी याद में,
मेरे आंसुओ ने मिटा दिया।।।
-aaliya