हर पल इक कसक सी रहती हैं दिल में ,
हर पल कुछ तड़प सी रहती हैं मन में ,
कुछ तो ख़ास जरूर हैं सनम तुझमें ,
यूँ ही खोए नही रहते बेवज़ह तुझमें ,
मेरा अब कुछ भी ना रहा मुझमें ,
कण कण में तू समाया हैं मुझमें ,
धड़कते हो सिर्फ़ तुम मेरे दिल में ,
रहना चाहते हैं अब हम भी तेरे दिल में ,
नही रहना अब इस रुसवाई के आलम में ,
नही रहना अब इन गम की आँधियों में ।।