मै आज अपने एक मित्र के मेरेज मे गया था। वहा जब मे पहुचा तब रास शुरु हो चुका था। मुजे रास आता नही है, फिर भी मे रास के वर्तुल मे घुस गया। सबसे पहले मैने लोगो के पैरो को देखकर रास लेने की शुरुआत की, उसमे बहोत तकलिफ होने लगी। अब मुजे पैर के स्टेप तो मालुम हो गये थे मगर, मेरे पैर दूसरे लोगो की तरह नही पड रहे थे। फिर मैने लोगो के पैरो को देखना बन्द कर दिया। सब लोगो के साथ इंजॉय करते हुये खेलने लगा। थोडीदेर बाद स्टेप मै सुधर आने लगा। और रास पूरी तरह से मुजे आने लगा।
मॉरल : 1 आपको कुछ शिखने के लिये साहस करके उसमे कुदना पडेगा। कूदने के बाद हि कुछ मिलेगा।
2 जब तक आप समस्या के पर हि अपना ध्यान रखोगे तब तक समस्या आपका पिछा नही छोडेगी। समस्या से छूटने के लिये समस्या के बारे मे सोछना बन्द करदो। उसके अलावा जो आपके पास है उससे बेस्ट देने का प्रयत्न करिये । समस्या टल जाएगी।
-इतरकाका