जिन्दगी एक पतंग है
डोर है किसी और के हाथ
उड़ना कहीं और है
मिले अगर मुश्किलें तो
फड़कना कहीं और है।।
फिर कोशिशें बेकार
उलझ कर रह जाना होगा
उन डालियों में झूल कर
जिन्दगी मिट जाना होगा।।
उड़ान ऊँची भरले तू
हवा के साथ रह ले तू
ना जाने कब हवा थमे
नजर जमीं पर आये तू।।
उड़ान ऊँची थी तेरी कल
आज मिट्टी हो गया।
जिन्दगी की हकीकत जो समझा
उसे सब कुछ मिल गया।।