मनचाहा जटसे न मिले क्युकि खुद का असमंजस शामिल होता है इसलिए सही या गलत की जानकारी देकर ही हमारी कामना पूर्ति होती है |( जो खुद उलझे पड़े है तो ईश्वर क्या करें भला !?! ) " जो होगा देखा जायेगा " ऐसी सोच कम लोगो की होती है क्युकी ये लोग खुद पर और ईश्वर पर भरोसा कर चल देते है | रुकावट आती है पर भरोसा भी होता है खुद पर और ईश्वर पर की नैया पार लगेगी | [ ईश्वर (हर कोई ) भी यही चाहे तु कर मैं तब तुम्हें दु या मिले | लालच दे तभी तो कुछ होता ???|]...ॐD