मेरा भारत महान ' मेरी संस्कृति मेरी धरोहर । क्या अब भी नियन्त्रण चल रहा है। मेरे ख्याल से नहीं। शॉपिंग के लिए जाओ। कपड़े खरीदने जाओ और "मै ' साडी मे सादा सिम्पल सरल स्वभाव तो बाहर से ही शोरूम मे जाने से पहले गार्ड कह देता है। मेम यहाँ वेस्टन कपड़े मिलते है। घुमते - घूममे बहुत देर हो गयी तेज बारिश होने लगी। "तो मन आया पास मे रेस्टोरेंट मे कुछ खा लेते हैं। वहां हम चेयर पर बैठे ही थे। वेटर बोला चाइनीज फूड ही मिलेगा । हम यू ही आ गये। ऐसा नही लग रहा था । हम अपनी देशी धरोहर में ही है। आते - आते रात हो गयी । काफी देर होने के बाद खाने का टाइम हो गया होटल मे खाने की टेवल पर बैठे । मैनयू कार्ड देखा सब कार्डी मांसाहारी व्यंजनों से भरा हुआ था। फिर तो वहाँ होटल मे पानी भी गले से नही उतरा । जो कि हमारे घर में प्याज लहसुन तक नही खाया जाता । वहाँ अण्डा , मांस तो एक हत्या पाप के बराबर है। ( कहाँ गया हमारा धर्म) ? जब बच्चो के स्कूल मे पेरेन्ट्स मिटिंग में जाती हूं। क्यास टीचर का व्यवहार जिस बच्चे की मम्मी स्टाइलिस्ट लुक दो चार वर्ल्ड इंगलिश में बोल दिया या फिर नौकरी पेशा वाली गाडी खुद ड्राइविंग कर के आयी तो उसकी बातो को ध्यानपूर्वक सुन कर मुस्कुरा कर जबाब दिया जा रहा था। और मैं सीधे स्वाभाव से पूछा मेरा बच्चा क्लास मे व्यवहार - पढाई ने कैसा चल रहा है ? तो मेरे बच्चे मे चार कमी निकाल कर जबाब दिया जाता है। जब कि हमारे हिसाब से हमारा बच्चा सही है। क्या व्यक्ति की पहचान दिखावे से होने लगी है। मन की सरलता अपनी पहचान सादगी से नही सोचो अभी ही हाल है। हिन्दू शासन मे साधे का परिणाम कितना घातक होगा।