झग्गू जी की न्यूज़ अनोखी,
हर गली में मचती धूम चौकी।
फेसबुक पर ब्रेकिंग छपती,
व्हाट्सऐप पे मिर्ची लगती।
“रमेश बाबू निकले बाहर,
मोहतरमा ने दी मुस्कान की झंकार!”
जनता बोली—“ये कैसा चमत्कार?”
मैं बोला—“भाई, ये है फेसबुक का अख़बार!”
“शर्मा आंटी फिसली सैंडल से,
वर्मा जी निकले मदद के मेंडल से।”
खबर बनी मानो भूचाल आया,
कमेंट में सबने झगड़ा फैलाया।
“कुत्ता भौंका, बिल्ली कूदी,
झग्गु बोले—ब्रेकिंग जुड़ी।”
चाय की प्याली छूट गई हाथ,
FB न्यूज़ ने कर दिया घात।
टीवी वाले हारे मैदान,
अख़बार भूले अपना ज्ञान।
मोहल्ले की जनता अब ये मानें,
झग्गु जी ही न्यूज़ के भगवान हैं।
“रुको ज़रा, सब्र करो… अगली ब्रेकिंग कुछ ही पलों में… बने रहिए झग्गु पत्रकार की FB न्यूज़ पर!”