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प्यार, दर्द और संघर्ष: ज़िंदगी की सबसे सच्ची कहानी ज़िंदगी कभी एक रंग में नहीं होती। यह कभी मुस्कुराती है, कभी रुलाती है, और कभी इतना थका देती है कि इंसान खुद से सवाल करने लगता है। इस पूरी यात्रा में तीन शब्द ऐसे हैं जो हर इंसान की कहानी में किसी न किसी मोड़ पर ज़रूर आते हैं— प्यार, दर्द और संघर्ष। ये तीनों एक-दूसरे से जुड़े हुए हैं, अलग नहीं। जहाँ प्यार होता है, वहाँ दर्द भी होता है, और जहाँ दर्द होता है, वहाँ संघर्ष अपने आप जन्म ले लेता है। प्यार: जो अधूरा भी पूरा लगता है प्यार एक एहसास है, जिसे शब्दों में बाँधना आसान नहीं। यह कभी किसी की मुस्कान में दिखता है, कभी किसी की खामोशी में। प्यार वो नहीं होता जो सिर्फ़ साथ रहने से साबित हो, बल्कि वो होता है जो दूरी में भी महसूस हो। कभी-कभी प्यार बिना कहे हो जाता है। न कोई वादा, न कोई इज़हार—बस एक अपनापन, एक जुड़ाव। लेकिन यही प्यार जब सच्चा होता है, तो सबसे ज़्यादा तकलीफ़ भी देता है। क्योंकि सच्चे प्यार में उम्मीदें होती हैं, और उम्मीदें जब टूटती हैं, तो दर्द बन जाती हैं। कुछ प्यार मुकम्मल होते हैं, तो कुछ अधूरे। लेकिन सच यह है कि अधूरे प्यार ज़्यादा याद रह जाते हैं। क्योंकि जो मिल गया, वह आदत बन जाता है, और जो नहीं मिला, वह कहानी। दर्द: जो इंसान को भीतर से बदल देता है दर्द हमेशा चीखकर नहीं आता। कई बार यह मुस्कान के पीछे छिपा होता है। लोग सोचते हैं कि जो हँसता है, वह खुश है—लेकिन अक्सर सबसे गहरे ज़ख्म वही लोग छिपाते हैं। प्यार से मिला दर्द सबसे अलग होता है। यह शरीर को नहीं, आत्मा को चोट पहुँचाता है। यह रातों की नींद छीन लेता है, सवालों से भर देता है— “क्या मेरी कमी थी?” “क्या मैं काफ़ी नहीं था/थी?” दर्द इंसान को तोड़ता भी है और बनाता भी है। शुरू में वह कमज़ोर करता है, लेकिन धीरे-धीरे वही दर्द इंसान को मज़बूत बना देता है। क्योंकि जब इंसान बहुत कुछ खो चुका होता है, तो फिर खोने का डर खत्म हो जाता है। संघर्ष: खुद को साबित करने की लड़ाई जहाँ दर्द होता है, वहीं से संघर्ष शुरू होता है। संघर्ष सिर्फ़ हालात से नहीं होता, बल्कि खुद से भी होता है। हर सुबह खुद को समझाना कि “आज भी उठना है”, “आज भी मुस्कुराना है”, “आज भी आगे बढ़ना है”—यही असली संघर्ष है। संघर्ष में इंसान अकेला हो जाता है। भीड़ में होते हुए भी अकेला। क्योंकि हर कोई आपकी मुस्कान देखता है, आपकी लड़ाई नहीं। लोग आपकी सफलता की तालियाँ बजाते हैं, लेकिन आपके आँसू नहीं देखते। संघर्ष सिखाता है कि ज़िंदगी किसी के लिए नहीं रुकती। चाहे दिल टूटा हो, चाहे सपने बिखरे हों—दुनिया अपनी रफ्तार से चलती रहती है। और इंसान को या तो उसके साथ चलना होता है, या पीछे छूट जाना होता है। प्यार, दर्द और संघर्ष का रिश्ता इन तीनों का रिश्ता बहुत गहरा है। प्यार हमें किसी से जोड़ता है। दर्द हमें खुद से मिलाता है। और संघर्ष हमें मज़बूत बनाता है। अगर प्यार न हो, तो दर्द का एहसास नहीं होगा। अगर दर्द न हो, तो संघर्ष की ताक़त नहीं आएगी। और अगर संघर्ष न हो, तो इंसान कभी खुद को पहचान नहीं पाएगा। ज़िंदगी उन्हीं को आगे बढ़ाती है, जो टूटकर भी खड़े होना सीख जाते हैं। जो दर्द को अपनी कमजोरी नहीं, अपनी ताक़त बना लेते हैं। अंत में हर इंसान की कहानी अलग होती है, लेकिन भावनाएँ वही होती हैं। प्यार सबको होता है, दर्द सबको मिलता है, और संघर्ष हर किसी को करना पड़ता है। फर्क सिर्फ़ इतना है कि कोई हार मान लेता है, और कोई आगे बढ़ जाता है। अगर आज आपकी ज़िंदगी में दर्द है, संघर्ष है, तो घबराइए मत। यह इस बात का सबूत है कि आपने प्यार किया है, आपने महसूस किया है, आपने जिया है। और यक़ीन मानिए— संघर्ष के बाद जो इंसान बनता है, वह पहले से कहीं ज़्यादा ख़ूबसूरत होता है
सपनों की राह में जब अंधेरे उतर आते हैं, हौसले के दीपक ही मंज़िल दिखलाते हैं। गिरकर सँभलना ही ज़िन्दगी का सफ़र है, जो ठहर गए वही पीछे रह जाते हैं। - kajal jha
ख़्वाबों की चादर ओढ़े हम चलते हैं, उम्मीद की रोशनी में हर पल ढलते हैं। राहें कठिन हों तो भी हौसला रखो, मंज़िलें उन्हीं को मिलती हैं जो सपनों से जलते हैं। - kajal jha
टूटे हुए दिल की आवाज़ कोई सुन न पाया, जिसे अपना समझा उसी ने हमें पराया बनाया। हम मुस्कुराते रहे दर्द छुपाने के लिए, और अंदर ही अंदर हर रोज़ खुद को मिटाया। - kajal jha
ना जाति, ना मज़हब — बस एक पहचान, संविधान के पन्नों में लिखा हिंदुस्तान। 26 जनवरी का ये पावन त्योहार, हर दिल में जगाए देशभक्ति का विचार। - kajal jha
ज़र्रा ज़र्रा बोले आज तिरंगे की कहानी, संविधान की राह में बंधी है देश की ज़ुबानी। 26 जनवरी ने सिखाया हक़ और फ़र्ज़ का मान, भारत माँ के सपनों में बसता स्वाभिमान। 🇮🇳 - kajal jha
ख़ामोश रातों में भी शोर सा रहता है, तेरे बिना हर लम्हा अधूरा सा रहता है। हम हँसते तो हैं दुनिया को दिखाने के लिए, अंदर कहीं दर्द हमेशा ज़िंदा सा रहता है। - kajal jha
"तेरी यादों की खुशबू इन हवाओं में है, तू पास नहीं तो क्या, तेरा अक्स मेरी दुआओं में है।" "उम्र बीत रही है तेरे इंतज़ार में ऐ सनम, जैसे कोई मुसाफ़िर अपनी आखिरी मंज़िल भूल गया हो।" - kajal jha
तुम्हारी याद के साये में चैन मिलता है, तुम्हारे बिना ये दिल बेचैन रहता है। हजारों चेहरे हैं इस भरी दुनिया में मगर, ये दिल सिर्फ तुम्हारी ही राह तकता है। - kajal jha
हमने तो खामोशी में भी तुझे पुकारा था, तूने भीड़ में रहकर हमें नकारा था। सब कुछ देकर भी खाली रह गए हम, और तू कहता है — ये इश्क़ बस एक सहारा था। - kajal jha
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