खामोश लम्हों की खूबसूरती
ज़िंदगी हमेशा शोर में ही खूबसूरत नहीं होती,
कभी-कभी खामोशी भी बहुत कुछ कह जाती है।
वो लम्हे जब दिल सुकून से भर जाता है,
जब तन्हाई भी किसी अपने जैसी लगने लगती है।
सुबह की हल्की-सी रौशनी,
खिड़की से आती ठंडी हवा,
और चाय की प्याली में घुली हुई
ज़िंदगी की मीठी थकान —
बस यहीं से शुरू होती है एक सच्ची खुशी।
हर इंसान भाग रहा है,
किसी मंज़िल की तलाश में,
पर भूल जाता है कि
रास्ते भी कभी-कभी
बहुत हसीन होते हैं।
दिल अगर साफ़ हो,
तो हालात भी आसान लगते हैं।
और अगर सब्र साथ हो,
तो हर मुश्किल भी
एक सबक बन जाती है।
आओ, आज थोड़ा ठहर जाएँ,
अपने दिल से बात करें,
और इस खूबसूरत ज़िंदगी का
शुक्र अदा करें,
क्योंकि हर दिन
ख़ुदा की तरफ़ से
एक नया तोहफ़ा होता है।