Quotes by Rahul in Bitesapp read free

Rahul

Rahul

@rahul.9970
(36)

.... हमारे द्वारा निर्मित विचारों का बोझ ही ,
हमें थकाता हैं.!!!

.................सांझ ढले 🌄गगन तले।

......लम्हे जो बीत चुके,
उन्हें कैद कर सकते है।
केवल यांदों की लड़ियों में।
जो हरदम महकते हुए रहते है,
मन के पटल पर बिना किसी ,
आहाट दिए झलकते है ,
अंखियों में।

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"अधूरा अहसास.. - 3" by Rahul read free on Matrubharti
https://www.matrubharti.com/book/19962249/adhura-ahsaas-3

आज बहुत दिन के बाद नीलिमा ने सोशल मीडिया अकाउंट चलाया। जिसके ऊपर बहुत सारे मेसेज आ चुके थे।जिनमे से कुछ का उसने जवाब दिया और समय के कमी कारण उसने कुछ का देना जरूरी नहीं समझा।
तभी उसकी नजर एक कुछ मेसेज पर पड़ती है।
जहां उसे अपने आप में उलझन हो जाती है।
वो जो खुद को सिर्फ प्रेम की व्याख्या में बांधता था ,
जो हरदम प्रीत की दुहाई देकर खुद को ,
असीमित प्रेममयी बताता था ,उसका यह व्यवहार देख कर वो खुद को पीड़ा में महसूस करने लगी।

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....असफलता की हजारों कहानियां तुम्हारी ,
गौरवगाथा बन जाती है ,
जब तुम कामयाब होते हो।

जीवन में उतार_ चढ़ाव आना भी जरूरी है।

वह हमे उस सत्य से अवगत कराते है की,

रात चाहे कितनी भी लंबी क्यों न हो..?.

उषा की प्रभा से वह निसंदेह मिट जाती है ।

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......आशाओं के सावन में ,
उमंगों की बहार है।
_18_19.

......waqt ki shaakh par,
rukha hua wo hasin lamha ho,
"T U M "



Jo khud ko uljhaye huye rakhta hai...