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Kiran

Kiran

@kiran.792864


बहुत अल्हड़ है वो,
थोड़ा अकड़ू भी है।
कम बोलता है,
मेरी बातें भी कम ही सुनता है।
दिल का हाल भी
ज़्यादा बताता नहीं,
पर ये समझ नहीं आता…
जालिम वो बुरा है,
या मैं ही बुरी हूँ कहीं।
- Kiran

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मेरी आँखों में छुपा दर्द दिखता नहीं तुम्हें,
और कहते हो — हम तुम्हें बहुत चाहते हैं।
अरे हुज़ूर...... यदि मुझे चाहते ही,
तो मेरे दिल का हाल गैरों से न पूछते।

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संघ बहुत जरूरी तुम्हारा।
संघ बहुत राहत देह तुम्हारा।
संघ आत्मतृप्ति कराता तुम्हारा।
संघ उन्मुख कराता तुम्हारा।

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खेल खेले बचपन में, एक आंगन में
रोए बचपन में, एक आंगन में
सम्मानित हुए बचपन में, एक आंगन में
अपमानित भी हुए, उसी आंगन में
आज वही आंगन तुम्हें पुकारता है
आने को, लौट जाने को
वहीं हँसी, वही यादें, वही छोटी खुशियाँ
एक बार फिर जीने को उसी आंगन में।
- Kiran

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दिल में लिए बैठे हैं दु:खों के गुलदस्ते
और वह कहते हैं कि तुम मुस्कुराते क्यों नहीं
- Kiran

शीर्षक : सुकून से डर

मिले हुए पिछले दुखों से,
मिलने वाले नए सुकून से डर लगता है,
लगता है कि यह सुख अपना रूप बदल कर आया है,
वास्तव में है तो यह वही दुख ही....

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