Crash and Survival in Hindi Thriller by Shaziya Khan books and stories PDF | क्रैश एंड सर्वाइवल (अमेज़न डायरीज़) - 6

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क्रैश एंड सर्वाइवल (अमेज़न डायरीज़) - 6

एपिसोड 6 (ज़हरीली सुबह)



रात के खौफनाक सन्नाटे और उस रोंगटे खड़े कर देने वाली जंग के बाद, आखिरकार अमेज़ॅन के आसमान पर सुबह की हल्की लालिमा छाने लगी। लेकिन इस घने जंगल में सुबह का मतलब राहत नहीं था; यहाँ की उमस और गर्मी सूरज की पहली किरण के साथ ही बदन को झुलसाने लगी थी। गुफा के अंदर बैठे सभी 8 लोगों का भूख और प्यास से बुरा हाल था। पानी की वो आखिरी बोतल भी ऐशली रात को ही गटक चुकी थी, जिसकी वजह से बाकी सबके होंठ प्यास से पूरी तरह सूखकर सफ़ेद पड़ चुके थे।


लारा सबसे पहले उठकर गुफा के मुहाने पर आई। उसने नीचे झाँककर देखा; मलबे के पास सिर्फ़ उस खूंखार लड़ाई के निशान और फैला हुआ कीचड़ बचा था, एनाकोंडा वहाँ से जा चुका था। लारा ने मुड़कर गुफा के अंदर देखा, जहाँ बिल और पॉल किसी तरह टोनी को सीधा बैठाने की कोशिश कर रहे थे, जिसका कंधा रात भर में बुरी तरह सूज चुका था। मैट अपने घायल पैर को पकड़कर दीवार से टिका बैठा था और ऐशली उसके कंधे पर सिर रखे सो रही थी।


"चलो सब लोग, उठ जाओ। अगर यहाँ बैठे रहे तो प्यास से ही दम टूट जाएगा। हमें तुरंत पीने लायक पानी और टोनी के जख्म के लिए कुछ ढूँढना होगा,"


लारा की कड़क आवाज़ गूंजी। रोज़ी ने अपनी सूजी हुई आँखें खोलीं और लारा को देखते ही उसका मुंह फिर से कड़वाहट से भर गया। वह लड़खड़ाती हुई उठी और अपने फटे हुए ब्रैंडेड कपड़ों को झाड़ते हुए बोली,


"हुक्म चलाना बंद करो लारा! तुम्हारी वजह से हमारी ये हालत हुई है। पॉल, बिल... तुम लोग इस स्कॉलर की बात क्यों सुन रहे हो? उठो और कोई ऐसा रास्ता ढूंढो जहाँ से मोबाइल का नेटवर्क मिल सके।"


पॉल ने बेबसी से अपने फोन की स्क्रीन देखी, जिसमें 'नो सर्विस' साफ़ चमक रहा था। उसने चिढ़कर कहा,


"रोज़ी, दिमाग खराब मत करो। यहाँ कोई नेटवर्क नहीं है। और लारा... हम पानी ढूँढने के लिए बाहर तो आ जाएंगे, पर इस घने जंगल में रास्ता कैसे पता चलेगा? चारों तरफ सिर्फ़ पेड़ ही पेड़ हैं।"


लारा ने रोज़ी को पूरी तरह इग्नोर किया और पॉल की तरफ देखकर कहा,


"अमेज़ॅन में पानी ढूँढने का एक ही पक्का तरीका है—पंछियों की आवाज़ का पीछा करना या फिर ढलान की तरफ बढ़ना, क्योंकि पानी हमेशा नीचे की तरफ बहता है।"



मैट ने आगे बढ़कर ऐशली को उठाया और बिल के सहारे खड़े होते हुए कहा,


"लारा सही कह रही है। हम यहाँ बैठे-बैठे मर नहीं सकते। चलो, नीचे उतरते हैं।"


ऐशली ने रोते हुए मैट का हाथ पकड़ा,


"मैट, मेरे पैर में अभी भी बहुत दर्द है, मैं उस कीचड़ में दोबारा नहीं चल सकती!"


लेकिन इस बार मैट ने उसे दिलासा नहीं दिया, बल्कि चुपचाप आगे बढ़ने का इशारा किया। लड़कियों के बीच की नफ़रत और ईर्ष्या की दीवार सुबह होते ही और मजबूत हो गई थी; ऐशली और रोज़ी अब भी लारा और सोफिया को नीची नज़रों से देख रही थीं, लेकिन भूख-प्यास ने उनके घमंड को अंदर से खोखला कर दिया था।



वे सब धीरे-धीरे चट्टान से नीचे उतरे। लारा और सोफिया सबसे आगे थीं, उनके पीछे बिल और पॉल टोनी को संभाल रहे थे, और सबसे पीछे मैट और ऐशली थे। रोज़ी लगातार बड़बड़ा रही थी। तभी टोनी दर्द से चीख पड़ा,


"आह! भाई, मुझसे और नहीं चला जा रहा, मेरा कंधा फट रहा है!"



लारा रुकी और उसने टोनी के सूजे हुए कंधे को देखा। उसने सोफिया से कहा,


"सोफिया, जरा वो सामने वाले दलदली पेड़ की छाल और पत्तियाँ देखना। वो 'सिन्कोना' (Cinchona) का पेड़ लग रहा है, इसकी छाल दर्द और बुखार में दवा का काम करती है।"



सोफिया जैसे ही उस पेड़ की तरफ बढ़ने लगी, रोज़ी ने जानबूझकर सोफिया को धक्का देकर पीछे कर दिया। रोज़ी के चेहरे पर एक शातिर और मतलबी मुस्कान थी। वह बोली,


"हटो यहाँ से! तुम लोग कोई दवा नहीं ढूंढ रही हो, तुम ज़रूर कोई खाने की चीज़ छुपा रही हो ताकि तुम दोनों अकेले खा सको। हम इतने बेवकूफ नहीं हैं!"


रोज़ी ने अपनी चालाकी दिखाते हुए खुद आगे बढ़कर उस पेड़ की पत्तियों को झटके से तोड़ना शुरू कर दिया। उसे लगा कि वह लारा और सोफिया से पहले कोई फल या काम की चीज़ हाथ लगा लेगी।



"रोज़ी! रुको, मत छुओ उसे!"



लारा ने चिल्लाकर उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। रोज़ी ने जैसे ही पत्तियों के घने गुच्छे को खींचा, उस पेड़ की डालियों के पीछे छिपा हुआ एक बेहद छोटा, चमकीले पीले और काले रंग का मेंढक उछलकर सीधे रोज़ी के हाथ पर जा गिरा। वह कोई आम मेंढक नहीं था, वह अमेज़ॅन का सबसे खतरनाक 'पॉइज़न डार्ट फ्रॉग' (Poison Dart Frog) था, जिसका सिर्फ़ एक बूंद ज़हर  10, वयस्क इंसानों को मौत की नींद सुलाने के लिए काफी होता है।


"अरे! ये क्या घटिया चीज़ है!"


रोज़ी ने घबराकर उस मेंढक को झटककर दूर फेंक दिया। वह जोर से हंसी,


"देखा? कुछ नहीं हुआ। तुम लोग सिर्फ़ हमें डराने का नाटक करती हो।"


लेकिन अगले ही पाँच सेकंड के अंदर रोज़ी की हंसी उसके हलक में ही फंस गई। जिस हाथ पर वो मेंढक गिरा था, वहाँ की त्वचा अचानक नीली पड़ने लगी और रोज़ी का पूरा हाथ सुन्न हो गया। उसके मुंह से झाग निकलने लगा और वह अपनी छाती पकड़कर कीचड़ में गिर पड़ी।



"रोज़ी!!"


पॉल चिल्लाया और उसकी तरफ भागा। ऐशली और मैट भी खौफ से कांप उठे। रोज़ी की आँखें ऊपर की तरफ चढ़ने लगी थीं और उसका बदन ऐंठने लगा था। लारा ने तुरंत स्थिति को समझा। वह जानती थी कि मेंढक का ज़हर रोज़ी की त्वचा के एक छोटे से कट के ज़रिए उसके खून में मिल रहा था। लारा ने बिना डरे अपने बैग से एक छोटा चाकू निकाला, जिसे वह ट्रिप के लिए साथ लाई थी।



लारा ने पॉल को धक्का दिया,


"पीछे हटो पॉल! अगर इसके दिल तक ज़हर पहुँच गया, तो यह '5, मिनट में मर जाएगी।"

लारा ने रोज़ी के हाथ पर जहाँ ज़हर फैल रहा था, वहाँ चाकू से एक छोटा सा चीरा लगाया ताकि दूषित खून बाहर निकल सके, और पास पड़ी एक दूसरी जंगली जड़ी-बूटी को पीसकर उसके जख्म पर रगड़ने लगी।


रोज़ी दर्द और खौफ के मारे तड़प रही थी, लेकिन उसकी जान अब पूरी तरह उसी लारा के हाथों में थी जिससे वह नफ़रत करती थी। पूरा ग्रुप सांस रोके खड़ा था, और अमेज़ॅन की उस सुबह ने उन्हें एहसास करा दिया था कि यहाँ एक छोटी सी चालाकी की कीमत सिर्फ़ और सिर्फ़ मौत है... (जारी है) 
 लेखक _समीर खान