New Bodyguard - 3 in Hindi Drama by Miss Secret books and stories PDF | नया बॉडीगार्ड - 3

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नया बॉडीगार्ड - 3

रात के 1 बज रहे थे।

पूरे कपूर मेंशन में सन्नाटा छाया हुआ था।

लेकिन नैना के कमरे में अभी भी लाइट जल रही थी।

वह अपने बिस्तर पर बैठी थी… फोन उसके हाथ में था… और उसकी नजर बार-बार उसी message पर जा रही थी—

“Next time… कोई नहीं बचाएगा तुम्हें।”

उसके हाथ हल्के-हल्के कांप रहे थे।

“ये… ये सब क्या हो रहा है…” उसने धीरे से खुद से कहा।

उसका दिमाग बार-बार उसी बात पर जा रहा था—

समीर का behavior।

कैफे में उसका अचानक सामने आ जाना…
उसका वो dialogue — “वो बच गई…”
और अभी… दरवाजे पर खड़ा उसका वो अजीब सा smile।

सब कुछ… normal नहीं था।

नैना ने हिम्मत करके दरवाजे की तरफ देखा।

“अंदर आ सकते हो,” उसने धीरे से कहा।

दरवाजा पूरी तरह खुला।

समीर अंदर आया।

आज भी उसकी चाल वही calm… वही controlled।

जैसे कुछ हुआ ही न हो।

“आपने बुलाया?” उसने सीधा पूछा।

नैना ने उसे ध्यान से देखा।

“तुम यहाँ क्या कर रहे थे अभी?”

“Security check,” समीर ने बिना रुके जवाब दिया।

“रात के 1 बजे?”

“खतरा कभी भी आ सकता है।”

नैना ने आँखें सिकोड़ लीं।

“या… तुम खुद खतरा हो?”

कमरे में एकदम खामोशी छा गई।

कुछ सेकंड तक दोनों बस एक-दूसरे को देखते रहे।

समीर के चेहरे पर कोई reaction नहीं था।

लेकिन उसकी आँखें थोड़ी गहरी हो गईं।

“आप ऐसा क्यों सोच रही हैं?” उसने शांत आवाज़ में पूछा।

नैना उठकर उसके करीब आई।

अब दोनों के बीच बस कुछ ही दूरी थी।

“क्योंकि आज कैफे में… तुमने कहा था — ‘वो बच गई’।”

समीर एक सेकंड के लिए चुप रहा।

फिर उसने धीरे से कहा,

“आपने गलत सुना होगा।”

“मैंने बिल्कुल सही सुना था!” नैना की आवाज़ तेज हो गई।

“और अभी ये message…” उसने फोन उसकी तरफ बढ़ाया।

समीर ने message देखा।

उसका चेहरा बिल्कुल blank था।

“इसका मुझसे क्या relation है?”

नैना ने गुस्से में कहा,

“मुझे नहीं पता! लेकिन सब कुछ suspicious है!”

समीर ने गहरी साँस ली।

“अगर मैं आपको नुकसान पहुँचाना चाहता… तो कैफे में बचाता नहीं।”

ये बात सीधी थी…

और सच भी लग रही थी।

नैना कुछ पल के लिए चुप हो गई।

लेकिन उसके दिल का डर अभी भी गया नहीं था।

“तो फिर कौन है जो मुझे मारना चाहता है?” उसने धीरे से पूछा।

समीर ने उसकी आँखों में देखा।

“यही पता लगाना मेरा काम है।”

उसकी आवाज़ में एक अजीब सी seriousness थी।

जैसे वो सच में… protect करना चाहता हो।

लेकिन…

नैना अभी भी confused थी।



अगली सुबह…

नैना जल्दी उठ गई।

उसने decide कर लिया था—

वो समीर के बारे में सब कुछ पता लगाएगी।




नीचे गार्डन में…

समीर अकेला खड़ा था।

जैसे हमेशा।

नैना धीरे-धीरे उसके पास गई।

“Good morning,” उसने casual tone में कहा।

समीर थोड़ा surprised हुआ… लेकिन तुरंत normal हो गया।

“Good morning, ma’am।”

नैना ने हल्का सा smile किया।

“इतना formal मत बनो… ‘नैना’ बोल सकते हो।”

समीर ने उसकी तरफ देखा।

कुछ सेकंड तक…

फिर धीरे से कहा,

“नैना।”

पहली बार उसका नाम उसके मुँह से सुनकर…

नैना को अजीब सा feel हुआ।




“तुम कब से bodyguard हो?” नैना ने casually पूछा।

“कुछ सालों से।”

“Family?”

समीर का चेहरा थोड़ा सख्त हो गया।

“कोई नहीं।”

“मतलब?”

“मतलब… कोई नहीं।”

उसका tone थोड़ा cold हो गया था।

नैना ने तुरंत महसूस किया—

ये उसका weak point है।



“तुम्हारे past में क्या हुआ था?” नैना ने धीरे से पूछा।

समीर की आँखें अचानक बदल गईं।

जैसे किसी ने उसके अंदर कुछ trigger कर दिया हो।

“आपको ये सब जानने की जरूरत नहीं है,” उसने सख्त आवाज़ में कहा।

नैना चुप हो गई।

लेकिन अब उसका शक और बढ़ गया था।




उसी समय…

दूर खड़ा एक आदमी दोनों को देख रहा था।

उसने फोन निकाला और call लगाया।

“हाँ… दोनों साथ में हैं,” उसने धीमी आवाज़ में कहा।

फोन के दूसरी तरफ से आवाज़ आई—

“समीर पर नजर रखो… वो control से बाहर नहीं जाना चाहिए।”

आदमी ने सिर हिलाया।

“समझ गया।”




उधर…

नैना ने अचानक पूछा,

“अगर तुम्हें choice मिले… तो तुम ये job छोड़ दोगे?”

समीर ने बिना सोचे कहा,

“नहीं।”

“क्यों?”

इस बार उसने थोड़ा रुककर जवाब दिया—

“क्योंकि… कुछ काम अधूरे हैं।”

नैना ने उसकी तरफ देखा।

“कैसे काम?”

समीर ने उसकी आँखों में देखा…

और धीमे से कहा—

“खत्म करने वाले।”

नैना का दिल एक सेकंड के लिए रुक गया।

उसके words… सीधा दिल में चुभ गए।




रात को…

समीर अकेला था।

उसने अपने कमरे का दरवाजा बंद किया।

और locker खोला।

अंदर…

एक gun रखी थी।

उसने उसे हाथ में उठाया।

उसकी आँखों में वही ठंडापन वापस आ गया।

“बहुत time हो गया…” उसने खुद से कहा।

तभी उसका फोन बजा।

उसने call उठाया।

“हाँ।”

फोन के दूसरी तरफ से आवाज़ आई—

“Mission याद है ना?”

समीर की नजर सामने दीवार पर पड़ी…

जहाँ नैना की फोटो लगी थी।

उसने धीरे से कहा—

“भूल नहीं सकता।”

“तो जल्दी खत्म करो,” उधर से आवाज़ आई।

कुछ सेकंड की खामोशी…

फिर समीर ने ठंडी आवाज़ में कहा—

“बहुत जल्द…”

उसने call काट दिया।

और फिर…

नैना की फोटो को देखते हुए फुसफुसाया—

“तुम पर शक करना सही है, नैना…
क्योंकि असली खतरा…
मैं ही हूँ।”


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