Whisper in The Dark - 9 in Hindi Thriller by priyanka jha books and stories PDF | Whisper in The Dark - 9

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Whisper in The Dark - 9

अब आगे।।
रिहान ने कॉल पिक किया,
हेलो,रिहान ने कहा।
सर,आपने जिनके बारे में मुझे पता करने के लिए कहा था,उनके बारे में मुझे ज्यादा नहीं पर इतना पता चला है कि वो बचपन में शिमला में रहती थी ,
क्या,पर उन्होंने तो मुझे कहा है है कि वो पुणे रहती थी,रिहान ने खुद से कहा।।
एंड मैने आपको कुछ फोटोज भी भेजी हैं,,आप उन्हें देख लीजिए,,
अच्छा ठीक है,कहकर रिहान ने कॉल कट कर दिया। 
उसने अपना देखा,जहां पर करीब 4 पिक्चर्स भेजी गई थी,,साथ ही एक pdf भी थी 
रिहान ने एक गहरी सांस ली,ओर उन पिक्चर्स को डाउनलोड किया,,
जैसे ही वो पिक्चर्स डाउनलोड हुई, पहली पिक्चर जो करीब उसकी 20 साल की है,जिसमें वो डॉ सुशीला के साथ थी,
वहीं दूसरी पिक्चर देखकर रिहान की आँखें हैरानी से बड़ी हो गई,उसकी आंखों में आंसु भर आए,,
उसने धीरे से कहा,,किट्टू,
तीसरी फोटो में वो अपने मम्मी पापा के साथ बैठी है,जिसमें वो काफी खुश नजर आ रही थी।।

उसने फोन बंद किया,
किट्टू,कहकर वो तुरंत उसी जगह गया जहां उसने नियति को रुकने के लिए कहा था,,
वो वहां पहुंचा,वहां नियति को न देखकर वो घबरा गया।
नियति,कहकर वो इधर उधर देखने लगा,
उसने वहां से गुजरने वाले एक आदमी से पूछा, एक्सक्यूस मी, क्या आपने इस लड़की को देखा है,
रिहान ने नियति की फोटो दिखाते हुए कहा,
नो,कहकर वो आदमी चला गया,,
कहां हो तुम नियति,रिहान ने खुद से कहा।
वहीं दूसरी तरफ।।
एक सुनसान जगह पर जहां एक कोने में नियति अपना चेहरा घुटनों में छुपाए रो रही थी,
प्लीज डोंट कम नियर मि,वो बार बार यही लाइंस दोहरा रही थी,
अचानक किसी ने उसके सर पर हाथ रखा,,वहीं किसी का हाथ अपने सर पर महसूस कर नियति का शरीर ठंडा पड़ गया,उसने उसका हाथ झटका,
ओर पीछे खिसक गई,,
दूर रहो,प्लीज दूर रहो,,वो चिल्लाकर रोने लग गई,,
वहीं ये इंसान ओर कही नहीं रिहान था,
वहीं नियति को इस तरह रोते देखकर उसकी आंखों में नमी आ गई,,
उसने तुंरत नियति को पकड़ा,ओर कहा, हे ये में हु,
नियति,कहकर उसने नियति को अपने गले से लगा लिया।।
पर नियति को कोई होश नहीं था,वो बार बार वहीं लाइन दोहरा रही थी,ओर रोई जा रही थी,,
अचानक रोते रोते वो बेहोश हो गई,
वहीं अचानक उसकी कोई मूवमेंट न देखकर रिहान ने उसका चेहरा देखा,
उसने तुरंत उसे गोद में उठाया,ओर उसे वहां से लेकर चल गया।
वहीं दूसरी तरफ।।
The obsidian lagoon hotel,Venice।।
रिवांश इस वक्त होटल रूम में बैठा था,उसके हाथ में रेड वाइन का ग्लास था,जिसे वो स्टर कर रहा था,
सर्गेई जो वहां खड़ा था,उसने रिवांश की तरफ देखते हुए कहा,,सर हो सकता है  की आप ने किसी और को देखा हो,,
क्योंकी उन्हें गायब हुऎ कोई चार महीने हो चूके हैं हम पीछले चार महीनों से उन्हें ढूंढ रहे हैं लेकिन हमें उनका कोई सुराग नहीं मिला,,
क्या आपको वाकई में लगता है की वो मिस नियति थी।।
तुम कहना क्या चाहते हो,कि मुझे कोई गलतफहमी हुई है,क्या में अपनी नियति को नहीं पहचान पाऊंगा,,
फिर पागलों की तरह मुस्कुराते हुए,,
शायद तुम नहीं जानते पर उसकी हल्की सी आहट सुनकर भी उसे पहचान सकता हु,,,समझे
कहकर वो जोर से चिल्लाया।।।

वहीं उसे इस तरह की हरकत करता देख कर सर्गेई को वो पल याद आया जब रिवांश को नियति का पता चल गया था,,

फ्लैशबैक।।।
6 महीने पहले।।।

पुणे महाराष्ट्र, इंडिया 

एक सुनसान सी जगह जहां कोई आया जाया नहीं करता था,वहीं एक बिल्डिंग में एक लड़की जो बेहोश थी उसको चेयर से बांध के रखा था,ओर उसके मुंह को कपड़े से ढक रखा था,
अचानक उस लड़की को होश आया,,अपने आप को किसी सुनसान जगह पर देखकर वो लड़की घबरा गई,,ओर खुद आजाद करने की कोशिश करने लगी,
तभी वहां कुछ लोग आए,जिन्होंने ब्लैक कलर के सूट पहन रखे थे,ओर उनके हाथ में गंस थी,
वहीं इतने सारे लोगों को देखकर वो लड़की ओर घबरा गई,
उन्हीं में से एक आदमी आगे आया ओर उसके मुंह से कपड़ा हटाया,,
कौन हो तुम सब,,ओर में यहां कैसे, उस लड़की ने हड़बड़ाते हुए कहा।।
उस आदमी  ने कहा, चिंता मत करो,में तुम्हे कुछ नहीं करूंगा,
बस तुम्हे हमारे कुछ सवालों का जवाब देना है,
उस आदमी ने कहा,ओर एक फोटो निकाली ओर उस लड़की के सामने करते हुए कहा,,ये कहा हैं।।
वहीं उस फोटो को देखकर वो लड़की हैरान हो गई,,
उसने धीरे से कहा,, नियति।।
अचानक एक कार रुकने की आवाज आई,जिसे सुन वो सब आदमी सीधे खड़े हो गए,क्योंकि उन्हें पता था कि कौन आया है।।
वहीं रिवांश ओर उसके साथ सर्गेई भी वहां आया,,
रिवांश को देख वो आदमी पीछे खड़ा हो गया,,
वहीं रिवांश को अपने सामने देख कर उस लड़की ने कहा,
कौन हो तुम,
उसकी बात सुन रिवांश ने हल्की मुस्कान के साथ कहा,
मुझे नहीं पहचान तुमने काव्या,,,
हा ये लड़की ओर कोई नहीं बल्कि काव्या थी।।
तुम्हे मेरा नाम कैसे,, काव्या ने हकलाते हुए कहा,,

में रिवांश, रिवांश ने आगे आते हुए कहा।।

रिवांश भैया,,आप काव्या ने कहा,,
भैया आपने मुझे इस तरह से क्यों पकड़ा है,,

काव्या,में ज्यादा बात नहीं करूंगा,,मुझे इतना बता दो कि नियति कहा है ,,
क्या नियति,,पर आपको नियति से क्या काम है 
काव्या ने कहा।।
वहीं उसकी बात सुनकर रिवांश ने गुस्से में उसे देखते हुए कहा,,जितना तुमसे पूछा जाए उसका जवाब दो,,
बताओ मुझे नियति कहा है।।

मुझे नहीं पता कि नियति कहा है,,में तो पिछले 10 सालों से उससे मिली भी नहीं हु।।।

काव्या ने कहा,,
फिर तो तुम मेरे किसी काम की नहीं हो,,,कहकर रिवांश ने अपनी गन को काव्या के तरफ प्वाइंट कर दिया,,
ये आप क्या कर रहे हो भैया,,, काव्या ने डरते हुए कहा।।
आईं एम नोट योर ब्रदर,,कहकर रिवांश ने ट्रिगर दबा दिया।।।
जिससे खून के छींटे उसके कपड़ों पर लग गए,,,
इसकी बॉडी को यहां से हटा देना,,कहकर रिवांश वहां से चला गया।।