एपिसोड 20: ब्रह्मांड का अंतिम नीलकमल )पटना के जंगल में सूर्य की पहली किरणें पड़ रही थीं। ठंडी हवा में इशान की ऊर्जा की महक बसी थी। माया एक बड़े पत्थर पर बैठी, नीरा को गोद में लिए। आरव उसके बगल में, छोटे हाथों से मिट्टी खेलता। इशान की आत्मा हल्की नीली चमक बनकर उनके ऊपर मंडरा रही। "माया, बच्चे... सुबह शुभ है, लेकिन खतरा आ रहा। वो नीला तारा ब्रह्मांड राजा का संकेत। ज़ियो का अंतिम रूप।" माया ने सिर ऊपर किया। "इशान, हम लड़ने को तैयार। तेरी पूर्ण वापसी होगी। परिवार पूरा होगा।"नीरा ने आँखें मिचकाईं। "पापा, तारा चमक रहा। बुला रहा।" आरव उछला। "दीदी, हम जीतेंगे!" माया उठी, नेतृत्व की मुद्रा में। "हाँ, बेटे। संगठन की सारी साजिशें खत्म। पहले न्यूयॉर्क, फिर चंद्रमा—अब अंत।" दूर क्षितिज पर आकाश फट गया। एक विशाल नीला पोर्टल खुला। उसके बीच से काली छाया उतरी—ब्रह्मांड राजा। लंबा कद, नीली चमकदार त्वचा, सिर पर नीलकमल का मुकुट। आँखें तारों जैसी। "नीरा! आरव! मेरी संतानें। ऊर्जा लौटाओ। धरती ब्रह्मांड का हिस्सा बनेगी। सब ऊर्जा का सागर।"माया आगे आई। "कभी नहीं! ये बच्चे मुक्त हैं। तेरा राज़ समाप्त।" राजा की हँसी गूँजी, जंगल हिल गया। "मुक्त? इशान का धोखा भूल गई? वह मेरा सबसे वफादार एजेंट था। अफगानिस्तान से शुरू, नीरा का जन्म—सब मेरी योजना।" इशान की आत्मा गरजी। "झूठ बोलता है! मैंने प्यार चुना। माया का साथ, बच्चों का भविष्य। तू ऊर्जा का भूखा राक्षस!"परिवार की एकजुटता: रोमांस की ताकत जागृतपरिवार ने हाथ मिलाए। माया के अंदर इशान की ऊर्जा गरमाई। नीरा और आरव की नीली आँखें चमकीं। "एक हो जाओ!" माया ने चिल्लाया। रोमांस का जादू फैला। माया ने आँखें बंद कीं। यादें उमड़ीं—न्यूयॉर्क सराय में इशान की बाहें, "प्यार ऊर्जा से बड़ा," उसकी फुसफुसाहट। पहला चुंबन, तूफान में। "इशान, हमारा बंधन अमर!" गर्माहट लहर बनी। राजा पीछे हटा। "ये भावुकता? ऊर्जा हँसती है!"राजा ने पहला हमला बोला। हाथ फैलाया—नीली ऊर्जा लहरें निकलीं। पेड़ उखड़ गए, ज़मीन फट गई। पटना शहर दूर काँपने लगा। माया ने ढाल बनाई—इशान की ऊर्जा से नीला कवच। "बचो!" बच्चे ने संयुक्त शक्ति दिखाई। नीरा ने चिल्लाया, "भाई, टॉरनेडो!" आरव ने जोड़ा। हवा घूमी, लहरें वापस। जंगल का आधा हिस्सा तबाह, लेकिन राजा को खरोंच। "वाह! लेकिन ये शुरुआत।"पोर्टल से सेना उमड़ी। भूतनील योद्धा—अर्जुन, लिली, वैलेरिया के सैकड़ों क्लोन। रोबोटिक ड्रोन आकाश भर गए। चीखें गूँजीं। "बच्चों को पकड़ो!" माया दौड़ी। "नीरा, आरव, मेरे पीछे!" उसने भूतों पर नीली आग उगली। एक-एक कर भूत सोखे गए। इशान की आत्मा ने ड्रोन उड़ाए। "माया, बाएँ!" लेकिन संख्या ज़्यादा। नीरा घायल। "माँ... दर्द।" आरव रोया। "दीदी!"ब्रह्मांड राजा का पूर्ण उदय: महायुद्धराजा क्रोधित। "बस!" आकाश काला हो गया। तारे गिरने लगे—नीले उल्कापिंड। पटना में भूकंप, इमारतें ढहने लगीं। "धरती निगल लूँगा! ऊर्जा सब मेरी।" माया चीखी। "लड़ो, परिवार!" इशान की आत्मा ने राजा को सीधा निशाना बनाया। "ज़ियो, तेरी साजिशें याद? अफगानिस्तान जेट, न्यूयॉर्क तूफान—सब तेरा जाल। लेकिन प्यार जीता!" स्पर्श से राजा लड़खड़ाया।बच्चे थक गए। नीरा ज़मीन पर गिर पड़ी। "शक्ति... खत्म।" आरव ने उसे उठाया। "दीदी, प्रेम!" माया ने फैसला लिया। "इशान, वापस आ! पूर्ण रूप में!" उसने आँखें बंद कीं। रोमांस चरम पर। "हमारा पहला नाच, बारिश में। तेरी बाहों की गर्मी। वादा—हमेशा साथ।" चमक तेज़। इशान की आत्मा ठोस हुई। मांस-मज्जा लौटा। जीवित! "माया!" वह दौड़ा, गले लगाया। गहरा चुंबन। ऊर्जा उफान पर। परिवार पूर्ण—चारों एक।अंतिम जंग: जीत का क्षणइशान ने राजा पर कूदा। "अब पिता बनकर लड़ूँगा!" मुट्ठी ऊर्जा से भरी। राजा ने जवाबी लहर भेजी। टक्कर—जंगल उड़ गया। बच्चे ने ट्रांसफर किया। "पापा, ले लो!" इशान चमका। माया ने जोड़ा। "चारों मिलकर!" सुपर लहर—नीला सूर्य जैसी। नीलकमल मुकुट फटा। राजा चीखा। "नहीं... ऊर्जा लौट रही!" वह पोर्टल में खींचा गया। पोर्टल बंद। आकाश साफ। तारे गिरना रुका। पटना सुरक्षित।परिवार ज़मीन पर गिरे। हँसे, रोए। इशान ने माया को उठाया। "प्यार जीता। रोमांस हमारा हथियार।" नीरा-आरव दौड़े। "पापा!" गले मिले। सूर्य उगा। संगठन हमेशा के लिए समाप्त। नीरा ने कहा, "ऊर्जा बाकी... अच्छे कामों के लिए। हीलिंग, शांति।"समापन: नई शुरुआतदुनिया ने हीरोज़ को सलाम किया। परिवार पटना में नया घर। इशान-माया का रोमांस फला। बच्चे शक्तिशाली, लेकिन प्रेमी। ब्रह्मांड शांत। अंत नहीं, नई कहानी की शुरुआत।द एंड। शुक्रिया पाठकों को।