Adhura Wada Ek Saya - 10 in Hindi Horror Stories by kajal jha books and stories PDF | अधुरा वादा एक साया - एपिसोड 10

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अधुरा वादा एक साया - एपिसोड 10

एपिसोड 10: अमरता का आईनामाया सीढ़ियों से ऊपर चढ़ रही थी, हर कदम के साथ इमारत काँप रही थी। 60वीं मंजिल—वहाँ एक गुप्त पेंटहाउस था, जहाँ शहर की चमक नीचे खिलौने जैसे लग रही थी। दरवाजा अपने आप खुल गया। अंदर, एक विस्तृत कमरा था, दीवारों पर नीले नीलकमल के चिन्ह उकेरे हुए। बीच में एक पुरुष खड़ा था—60 साल का, लेकिन चेहरे पर जवानी की चमक। उसके हाथ में एक चांदी का आईना था, जो नीली रोशनी फेंक रहा था। वह शहर का मेयर था, राघव सिन्हा—'माया' संगठन का बॉस।"स्वागत है, बेटी," राघव ने मुस्कुराते हुए कहा। उसकी आवाज़ में मिठास थी, लेकिन आँखें ठंडी। "तुम्हारी माँ ने कहा था कि एक दिन तुम आओगी।"माया रुक गई। "मेरी माँ? वह मरी हुई है।" राघव ने आईना माया की ओर बढ़ाया। आईने में एक छवि उभरी—युवा महिला, माया से मिलती-जुलती, सराय में खड़ी। "नहीं मरी। वह ऊर्जा का हिस्सा है। 1960 में मैंने उसे चुना। सराय को ऊर्जा का स्रोत बनाने के लिए। लेकिन विमला ने चोरी की। ताबीज में बंद करके। तुम्हें जन्म देकर, उसने अपनी अमरता तुममें डाली। मैंने इशान को भेजा ताकि वह तुम्हें ट्रिगर करे।"विश्वासघात का वारतभी दरवाजा बंद हो गया। इशान अंदर आया, उसके हाथ में एक इंजेक्शन था। "माया, माफ करना। यह मेरा अंतिम राज था।" वह तेजी से माया की ओर लपका। माया ने नीली ढाल बनाई, लेकिन इशान ने चिल्लाया, "रुको! यह तुम्हें बचाएगा।" इंजेक्शन माया के कंधे में लगा। अचानक, उसका शरीर जकड़ गया। नीली ऊर्जा कमजोर पड़ने लगी।"तुम...?" माया फर्श पर गिर पड़ी। इशान रोया, "पिताजी ने मुझे मजबूर किया। लेकिन यह दवा तुम्हारी माँ की अमरता को अलग कर देगी। ऊर्जा को बॉडी से अलग। तुम इंसान बन जाओगी।" राघव हँसा। "बेवकूफ! वह दवा ऊर्जा को मेरे नियंत्रण में लाएगी। सब्जेक्ट 0 अब मेरा हथियार बनेगी।"माया के दिमाग में तूफान आ गया। स्मृतियाँ फूट पड़ीं—माँ की, जो सराय में चीख रही थी: "बेटी, इसे मत लेना। यह शाप है।" ऊर्जा ने विद्रोह किया। माया का शरीर चमक उठा। इशान को पीछे धकेल दिया। वह उठी, आँखें अब आग की तरह नीली। "तुमने मुझे बनाया, लेकिन अब मैं तुम्हें तोड़ूँगी।"माँ की सच्चाईराघव ने आईना पटका। कमरे में नीली लहर फैली। अचानक, माया के सामने उसकी माँ का साया प्रकट हुआ। "माया... मैंने तुम्हें बचाने के लिए ताबीज बनाया। राघव ने सराय को ऊर्जा का खदान बनाया—मासूमों की भावनाओं से। मैंने भागने की कोशिश की, लेकिन ऊर्जा ने मुझे कैद कर लिया। तुम्हें अनाथालय छोड़कर। नंदिनी ने ताबीज दिया ताकि ऊर्जा शुद्ध रहे। लेकिन अब... इसे खत्म करो।"साया माया के भीतर समा गया। माया को ताकत मिली। वह राघव पर झपटी। राघव ने छड़ी निकाली, लेकिन माया ने उसे तोड़ दिया। "तुम्हारी अमरता झूठी है!" नीली लहर ने राघव को घेर लिया। उसके चेहरे पर झुर्रियाँ उभरीं। "नहीं! मैंने शहर को अमर बनाया!" वह चीखा। लेकिन ऊर्जा ने उसके सीने का यंत्र तोड़ दिया। राघव बूढ़ा होकर गिर पड़ा।इशान भागने लगा, लेकिन माया ने उसे पकड़ लिया। "तुम्हारा विश्वासघात... क्यों?" इशान काँपा, "मैं तुमसे प्यार करता था, माया। असली। संगठन ने मुझे जबरदस्ती किया। लेकिन अब... ऊर्जा फ्री हो रही है।" इमारत हिलने लगी। भूमिगत रिएक्टर फटने वाला था।शहर का संकटमाया ने खिड़की से बाहर देखा। शहर में नीली चमक फैल रही थी। लोग सड़कों पर गिर रहे थे, उनकी स्मृतियाँ ऊर्जा में मिल रही थीं। "नहीं!" माया चिल्लाई। नंदिनी की आवाज़ गूँजी: "इसे नियंत्रित करो। अपनी माँ की तरह।" माया ने आँखें बंद कीं। ऊर्जा को अपने भीतर खींचा। लेकिन एक हिस्सा बाहर रह गया—आर्यन का साया, जो अब शहर पर मंडरा रहा था।इशान ने माया का हाथ थामा। "हम साथ लड़ेंगे।" पहली बार, माया को उसके स्पर्श में गर्मी महसूस हुई। रोमांस की एक किरण उसके डर को पिघला रही थी। लेकिन तभी, राघव ने अंतिम सांस में हँसा। "यह खत्म नहीं हुआ। ऊर्जा का असली स्रोत... तुम्हारे अंदर का बच्चा है।"माया स्तब्ध। उसके पेट में हलचल हुई। क्या ऊर्जा ने नया जीवन जन्म दिया था?अगले एपिसोड में:
माया और इशान शहर को बचाने निकलते हैं। क्या अंदर का 'बच्चा' नया दानव बनेगा? और विमला की अंतिम साजिश क्या उजागर होगी जो सबको निगल लेगी?