Tere Mere Darmiyaan - 61 in Hindi Love Stories by CHIRANJIT TEWARY books and stories PDF | तेरे मेरे दरमियान - 61

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तेरे मेरे दरमियान - 61

आदित्य: - तुम्हें जो समझना है तुम समझो , मुझे उससे कोई लेना देना नही है , बस तुमसे एक रिक्वेस्ट है , मुझे मेरे विकास से अलग मत करो । मैं उसके बिना नही रह सकती । ये पुलिस का खेल खेलना बंद करो । विकास को छोड़ दो और हमे जिने दो । अगर तुमने मोनिका से जरा सा भी प्यार किया है तो तुम्हें इस प्यार ती कसम , हमे एक नही कर सकते तो हमे अलग मत करो प्लिज आदित्य । मैं तुम्हारी कभी नही बन सकती , ये सोचना बंद कर दो आदित्य । I love vikash .

इतना बोलतर जानवी रोने लगती है , जानवी के आंखो मे आंशु दैखकर आदित्य को बहोत बुरा लगता है ।


आदित्य कहता है --

आदित्य :- जानवी मुझे ये तो नही पता के विकास सही है या गलत पर मैं तुमसे वादा करता हूँ के आज के बाद मैं तुम दोनो के बिच कभी नही आऊगां । 4 महिना और बाकी है , बस फिर तुम आजाद । फिर मैं तुम्हारे लाईफ मे कभी नही आऊगां । 

जानवी पकड़कर कहती है --

जानवी :- विकास के खिलाफ चाहे कोई भी कहे , खुद जज साहब ही क्यों ना कहे । मैं फिर भी विकास को कभी गलत नही मान सकती । आखिर विकास मुझे किडनेप क्यों करवाना चाहेगा । जरा सोचो हम दोनो एक दुसरे से प्यार करते है तो फिर वो ऐसा क्यों करेगा ।"

आदित्य :- मैं ये नही जानता के विकास सही है या गलत , मैं तुमसे ये भी नही बोल रहा हूँ के विकास ने काली के साथ मिलकर तुम्हारा किडनेप कराया । बस मैं तुमसे एक बात जरुर कहूँगा के जिस तरह से तुम पर लगातार कुछ दिन से जो कुछ भी तुम्हारे साथ हो रहा है उसे दैखकर तो ऐसा ही लगता है के तुम्हें संभल कर रहना चाहिए । 
पता नही पर वो जो कोई भी है वो तुमपर हमला फिर से जरुर करेगा ।

जानवी अकड़कर कहती है --

> जानवी :- " तुम्हें मेरी फिक्र करने की कोई जरुरत नही है आदित्य , विकास है ना वो सब संभाल लेगा । 

तभी रश्मी और रमेश भी वहां पर आ जाती है और कहती है --

रश्मी :- कैसे संभालेगा वो तुम्हें जानवी । वैसे ही ना जैसे वो तुम्हें उस रात को संभाला था या कल की रात जैसा । हां. . तुम्हें तो इन सब से क्या , विकास तुम्हें छोड़कर जाएगा और आदित्य तुम्हें अपने जान पर खेल कर बचाएगा । फिर तुम आदित्य को भला बूरा कहोगी , क्योकी इसने तुम्हारी मदद किया , तुम्हें हर बार अपनी जान पर खेल कर बचाया , पर फिर भी गलती आदित्य की ही है , विकास तो बेचारा है ।

रश्मी की बात का जानवी के पास कोई जवाब नही था । जानवी की नजरे निचे थी ।

रश्मी फिर कहती है --

रश्मी :- चलो मान लेती हूँ के ये सब आदित्य ने जानबुझकर किया , उसे तुम्हारे नजरो मे हिरो बनना था , पर विकास , उसका क्या , वो चला गया ना छोड़कर तुम्हें , माना वो सब भाड़े को गुडें थे पर फिर भी विकास को तुम्हारा साथ देना था , ना की ऐसे तुम्हें अकेला छोड़कर भागना चाहिए । फिर तुम्हें किस बात घंमड हां , अपना दिमाग लगा कर ना थोड़ा सौचो 

आदित्य रश्मी की बात पर बस मुस्कुरा देता है और जानवी से कहता है —

> आदित्य : - “कभी-कभी जवाब अपने अंदर होता है, जानवी।
अगर बाहर ढूँढोगी तो वक्त लग जाएगा। पर जब सच्चाई सामने आएगी तब बहोत दैर हो जाएगी ।"



इतना बोलकर आदित्य वहां से चला जाता है, और जानवी के दिल में एक और सवाल छोड़ देता है।


इधर विकास अपने घर पर था और तभी उसके फोन पर एक नए नम्बर से फोन आता है जो काली का है । विकास फोन रिसिव करता है तो उधर से काली का आवाज आता है ।

काली :- क्या बात है बबुआ , हमे भूल गए क्या ?

काली की आवाज सुनकर विकास घबरा जाता है और कहता है --

विकास :- क..क...काला भाई आप ?

काली :- क...क...काली नही रे , सिर्फ काली भाई ।

विकास :- भाई आप कहां हो ? 

काली :- साले पुलिस से छिपता फिर रहा हूँ । साले , हरामखोर तुने किसका किडनेप कराया था बे । हालत खराब हो गई है छिपते छिपते । पुलिस से छिपना तो ठिक था पर पता नही साला एक पार्टी और है जो मेरा पिछा कर रही है और पुलिस से भी ज्यादा तेज । पता नही साला कैसे सुंघते हूए पहूँच जाता है ।

विकास :- पर भाई आपने तो कहा था के पुलिस को आप संभाल लोगे ।

काली :- मैने बहोत से लोगो को किडनेप किया है बड़े बड़े अमीरों को किया है पर ऐसा कभी नही हूँ के पुलिस से पंगा हूआ हो । पर पता नही ये साला कौन है जो पुलिस को भी मुठ्ठी मे रखा है ।
सुन मुझे अर्जेंट 50 लाख की जरुरत है मै लोकेशन भेजता हूए तु पैसे भेज ।

विकास :- पैसे , किस बात के पैसे । मैने तो पहले ही आपके इतने सारे पैसे दिये थे जो वेस्ट गया , अब किस बात के पैसे । एक काम तो ढंग से हूआ नही आपका और आ गए है पैसे मांगने ।

काली गुस्सा होकर कहता है --

काली :- “तेरे नाम का दीपक भी अब अंधेरे में बुझेगा साले , ये जो सब कुछ हो रहा है ना वो सब तेरे वजह से हो रहा है। पता नही वो लड़का कौन है , पर वो जो भी हौ बहोत डेंजर है मामु । मुझे पैसा भेज वरना ।

विकास :- वरना क्या ..?

काली :- " वरना तेरी किस्मत को मैंने अपनी मुठ्ठी में बांध रखा है, जब चाहूँ खोल दूँ। और अगर खोल दिया तो तु अच्छी तरह से जानता है के क्या होगा ।

विकास :- तो आप मुझे धमकी दे रहे हो ।

काली :- " धमकी .. हा हा हा ... मैं धमकी नहीं, बद्दुआ बनकर आता हूँ… और लौटकर नहीं जाता , अगर तुने पैसे नही भेजे तो मै पुलिस और उस छमिया को बता दूगां के तुम कौन हो और किडनेपिंग के पिछे तुम्हारा हाथ है ।

काली के धमकी से विकास डर जाता है और कहता है --

विकास :- मै खुद बर्बाद हो चुका हूँ , मेरी कंपनी डुब चुकी है बाकी बचे पैसे आपको दे दिए ताकि आप उस जानवी से सिग्नेचर लेकर उसकी सारी दौलत मेरे नाम कर सको । पर सब उलटा पड़ गया , अब मेरे पास एक पैसा नही है ।

काली :- 2 दिन का समय देता है मैं तेरे को । अगर पैसा नही मिला तो तु भी नही बचेगा । मेरा नाम है काली और मैं नाम नहीं, निशानी छोड़ता हूँ… वो भी राख की ।

इतना बोलकर काली फोन काट देता है। विकास का गला डर से सुख चुका था । विकास धिमे आवाज से अपने आप ही कहता है --

विकास :- ये साला काली , ना कुछ कर पाया और ना ही कुछ दिला पाया उल्टा मुझे लूट गया । अब मै क्या । जानवी को फोन भी नही कर सकता । पता नही उन लोगो ने उसको साथ क्या किया होगा । दो बार हो गया जब मै जानवी को अकेला छोड़कर भाग गया था । नही नही ... मुझे जानवी के पास जाना ही होगा क्योकी वही एक है जो मुझे इस मुसीबत से बाहर ला सकती है उससे शादी करके मैं उसके सारी दौलत को अपनो नाम करा लूगां । चाहे वो मुझसे कितना भी नाराज रहे , जरुरत पड़ी तो उसको पैरो पर गिर जाऊगां पर उसे मना कर ही रहूँगा ।

इधर मोनिका अपने कमरे मे मुह लटकाये बेटी क्योकी मोनिक का महिना पार हो चुका था और अभी तक उसे पीरियड्स नही हूआ था । जिससे मोनिका टेशंन मे थी ।

मोनिका कहती है --

> मोनिका :- ये क्या हो गया , कही मैं ... नही नही मुझे विक्की को बताना पड़ेगा । 

मोनिका फोन उठाती है और विक्की को कॉल करने जाती है फिर रुक जाती है और कहती है --

> मोनिका: - नही , अभी नही पहले पता कर लेता हूँ के मै प्रेगनेंट हूँ या नही उसके बाद ही विक्की को कॉल करुगां ।

मोनिका अपने बेग से प्रेगनेंसी टेस्ट किट निकालती है और उसे लेकर बाथरुम चली जाती है , टेस्ट किट से पता चलता है के मोनिका प्रेग्नेंट हो चुकी है ।

टेस्ट किट का पॉजिटिव आने से मोनिका बहोत परेशान हो जाती है , मोनिका बाथरुम से बाहर आती है और अपने कमरे मे बैठ जाती है और कहती है --

मोनिका :- हे भगवान ये क्या हो गया मुझसे । मुझे अपने आप पर काबु रखना था । पर अब ये सौच कर क्या फायदा , मुझे विक्की को बताना पड़ेगा । 

इतना बोलकर मोनिका विक्की को कॉल करती है पर विक्की फोन नही उठाता है , मोनिका विक्की को कई बार फोन करती है पर विक्की फोन नही उठाता है , तब मोनिका कहती है --

मोनिका: - ये विक्की मेरा फोन क्यों नही उठा रहा है ।

मोनिका घर से विक्की से मिलने के लिए निकल जाती है ।

मोनिका को रास्ते पर विक्की की कार दिखाई देती है , तो मोनिका भी ऑटो को उस कार का पिछा करने के लिए कहती है ।

To be continue......461