एपिसोड 9: दानव की दहलीजशहर की हलचल माया के कानों में एक धुंधली गूँज की तरह बज रही थी। सूरज की किरणें उसके नीले आभामंडल को छूकर इंद्रधनुषी रंगों में बिखर रही थीं, लेकिन उसका मन कहीं और था। 'माया' संगठन का मुख्यालय—वह 50 मंजिला कांच की चूड़ी जैसी इमारत, जो शहर के दिल में खड़ी थी। बाहर से यह एक साधारण कॉर्पोरेट टावर लगती थी, लेकिन माया को अब इसके नीचे की सच्चाई दिख रही थी: भूमिगत गलियारों में कैद रूहें, चमकते यंत्र, और उन मासूम चेहरों की परछाइयाँ जो 50 सालों से चीख रही थीं।वह इमारत के मुख्य द्वार पर पहुँची। गार्ड्स ने उसे देखा, लेकिन उनकी आँखों में भय फैल गया। माया ने बस एक नजर डाली, और वे पत्थर की मूर्तियाँ बनकर गिर पड़े। दरवाजा अपने आप खुल गया, जैसे इमारत उसे आमंत्रित कर रही हो। लिफ्ट में चढ़ते हुए माया ने आईने में खुद को देखा। उसकी आँखें अब पूरी तरह नीली थीं, त्वचा पारभासी, और होंठों पर एक ठंडी मुस्कान। "मैं कौन हूँ?" उसने बुदबुदाया। नंदिनी की खुशबू फिर महसूस हुई। "तुम वही हो जो बनने वाली थी, माया। लेकिन याद रखो, शक्ति मोहरे को राजा बना सकती है, पर दानव को भी जन्म दे सकती है।"मुख्यालय का अंधेरालिफ्ट 50वीं मंजिल पर रुकी। सामने एक विशाल हॉल था, जहाँ कांच की दीवारों के पीछे दर्जनों वैज्ञानिक सफेद कोट में काम कर रहे थे। बीच में एक गोलाकार प्लेटफॉर्म पर नीली ऊर्जा का एक गोला घूम रहा था—वही शक्ति जिसका स्रोत सराय थी। माया जैसे ही आगे बढ़ी, अलार्म बज उठा। हॉल में लाइटें लाल हो गईं, और छत से एक आवाज़ गूँजी: "सब्जेक्ट 0 का आगमन। प्रोटोकॉल एक्टिवेट।"चारों ओर से काले सूट वाले एजेंट्स निकल आए। उनके हाथों में चांदी की छड़ियाँ थीं, जो नीलकमल के चिन्ह से चमक रही थीं। माया ने हँस दिया। "तुम्हारे आर्किटेक्ट ने मुझे बनाया, अब उसके सिपाही मुझे रोकने आए हैं?" उसने अपना हाथ फैलाया। एक नीली लहर निकली, जो एजेंट्स को छूते ही उन्हें जमीन पर लिटा दिया। लेकिन एक एजेंट ने छड़ी से हमला किया। वह माया के सीने में घुस गई, और अचानक उसके दिमाग में चीखें तेज हो गईं।आर्यन की स्मृति फट पड़ी। "दीदी... बचाओ!" माया घुटनों पर गिर पड़ी। नीली ऊर्जा उसके शरीर से बाहर निकलने लगी, दीवारों को चीरती हुई। वैज्ञानिक भागने लगे, लेकिन ऊर्जा ने उन्हें पकड़ लिया। माया चीखी, "नहीं! रुको!" वह अपनी शक्ति को नियंत्रित करने की कोशिश कर रही थी। नंदिनी की आवाज़ फिर आई: "उसे दबाओ मत, समझो। यह तुम्हारी नफरत नहीं, तुम्हारी विरासत है।"इशान का राजतभी हॉल के दूसरे छोर से एक दरवाजा खुला। इशान अंदर आया, उसके हाथ में वह पुरानी फाइल थी। उसके चेहरे पर आंसू थे, लेकिन आँखों में एक चमक। "माया, रुको! यह सब जानबूझकर नहीं हुआ।" वह आगे बढ़ा, बाकी एजेंट्स ने उसे रोका, लेकिन माया की एक नजर से वे हट गए।"तुम्हारा राज क्या है, इशान?" माया खड़ी हो गई। उसका शरीर अब स्थिर था, ऊर्जा उसके इर्द-गिर्द एक ढाल बना रही थी। इशान ने फाइल खोली। उसमें एक फोटो थी—माया की माँ, युवा अवस्था में, विमला के साथ। "तुम्हारी माँ... वह संगठन की पहली सब्जेक्ट थी। 1974 से पहले। सराय में जो ऊर्जा बोई गई, वह तुम्हारी माँ की थी। विमला ने उसे चुराया, ताबीज में बंद किया। तुम्हें अनाथालय में छोड़ने से पहले, तुम्हारी माँ ने तुम्हें चुना—अपनी ऊर्जा का उत्तराधिकारी। नन ने तुम्हें बचाया, लेकिन अब... तुम वही हो जो तुम्हारी माँ बनी थी। एक दानव।"माया स्तब्ध रह गई। "झूठ!" लेकिन उसके भीतर की ऊर्जा ने पुष्टि कर दी। स्मृतियाँ उमड़ आईं—उसकी माँ की चीखें, सराय का अंधेरा, और वह नीला गोला जो उसके गर्भ में पल रहा था। "तुम्हें संगठन ने मुझे सौंपा था ताकि मैं तुम्हें ट्रिगर करूँ," इशान रोया। "आर्यन मेरा भाई था, लेकिन बलि देकर मैंने तुम्हें जगा दिया। अब एक आखिरी राज: संगठन का असली बॉस तुम्हारी माँ की तरह अमर नहीं है। वह इंसान है—शहर का एक बड़ा राजनेता। अगर तुम ऊर्जा को फ्री कर दोगी, तो पूरी दुनिया तबाह हो जाएगी।"आंतरिक संग्राममाया का दिल धड़का। नीली ऊर्जा अब उसके खून में घुल रही थी, उसे रोमांच दे रही थी, लेकिन एक कोना चीख रहा था—इंसान बनो, दानव मत। वह प्लेटफॉर्म की ओर बढ़ी। गोला तेजी से घूम रहा था। "मैं इसे खत्म करूँगी," उसने कहा। लेकिन जैसे ही उसने हाथ बढ़ाया, गोले से एक साया निकला—आर्यन। लेकिन इस बार वह अकेला नहीं था। उसके पीछे दर्जनों बच्चे, मासूम चेहरे। "दीदी, हमें आजाद करो," वे बोले।इशान चिल्लाया, "नहीं! यह जाल है!" माया हिचकिचाई। ऊर्जा ने उसके दिमाग को भर लिया—विमला, नंदिनी, उसकी माँ की स्मृतियाँ। वह घुटनों पर गिर पड़ी, नीले आंसू बहने लगे। तभी हॉल हिलने लगा। भूमिगत स्तर से एक विशालकाय यंत्र सक्रिय हो गया—संगठन का 'कोर रिएक्टर'। नीली ऊर्जा का स्रोत, जो अब फटने को तैयार था।माया ने आँखें बंद कीं। नंदिनी की खुशबू तेज हुई। "चुनो, माया। शक्ति लो या मानवता।" उसने फैसला किया। एक तीव्र चमक फैली। गोला शांत हो गया, लेकिन आर्यन का साया माया के भीतर समा गया। वह उठी, अब पूरी तरह नियंत्रित। इशान की ओर देखा: "तुम्हारा राज मेरी ताकत बन गया। लेकिन बॉस को लाओ, वरना शहर जल जाएगा।"वह इमारत के सबसे ऊपरी कमरे की ओर बढ़ी। वहाँ, एक छिपे दरवाजे के पीछे, असली खतरा इंतजार कर रहा था।अगले एपिसोड में:
माया बॉस से आमने-सामने। क्या इशान का अंतिम विश्वासघात सब कुछ बदल देगा? और माया की माँ की सच्ची कहानी क्या उजागर करेगी जो ऊर्जा को हमेशा के लिए मुक्त कर दे?