Tere Mere Darmiyaan - 51 in Hindi Love Stories by CHIRANJIT TEWARY books and stories PDF | तेरे मेरे दरमियान - 51

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तेरे मेरे दरमियान - 51

विकास :- जानवी , क्यों ना हम शादी कर ले !

जानवी ( खुशी से ) :- क्या , क्या तुम सच बोल रहे हो ।

विकास :- हां जानवी , अब मैं तुमसे और दुर नही रह सकता , हमे कोई और अलग करने की कोशिश करे उससे पहले हम शादी करके एक हो जाते है ।

जानवी :- हां विकास ।

विकास :- मैं पंडित जी से आज बात करता हूँ और एक अच्छी तारिख निकाल कर तुम्हें बताता हूँ ।

जानवी :- सबसे नजदीक वाली डेट निकालना ।

विकास :- मन तो कर रहा है के अभी तुम्हें मंदिर ले जाकर तुमसे शादी कर लू ।

जानवी :- मन तो मेरा भी कर रहा है । पर मैं ऐसा नही करुगीं क्योकि मुझे सबको दिखानी है खासकर के उस आदित्य को के प्यार मे कितनी शक्ती होती है । इसिलिए मैं उसे भी शादी मे इंवाईट करुँगी और धुम धाम से अपनी शादी करगीं ।
विकास :- जानवी , क्या तुम्हारे पापा हमारे रिश्ते को मानेगें ।

जानवी :- अब वो कुछ नही करेगें । अब जो मैं बोलूंगी , वो वही करेगें ।

विकास मन ही मन खुश होते हूए सोचता है --

" क्या बात विकास , मछली तो खुद तेरे जाल मे फस गई , और तुने बेकार का उस काली को 50 करोड़ दे दिया , उस काली को तो मैं छोड़ुगां नही । "

जानवी :- अच्छा तो मैं अब चलती हूँ । ।

विकास :- इतनी जल्दी ।

जानवी :- हां , क्योकी कुछ काम है , फिर मैं आ रही हूँ ना तुम्हारे पास हमेशा के लिए ।

इतना बोलकर जानवी वहां से चली जाती है , विकास कहता है --

विकास :- बस एक बार तुम मेरी हो जाओ । उसके बाद दैखना मैं कैसे तुमसे तुम्हारा सब कुछ छीन लूगां , जैसे तुमने मुझेसे मेरे खुशियों को छीना है , मेरा दोनो काम छानकर तुमने मुझे जैसे बर्बाद किया , वैसे ही एत दिन मैं , तुमसे तुम्हारा सब कुछ छीन लूगां ।

तभी विकास के फोन पर काली का फोन आता है --

विकास :- हेलो ।

काली :- अबे साले हरामखोर , ये तुने किससे पंगा करवा दिया । साले इस दुनिया मे ऐसी कोई जगह नही है जहां पर मैं छुप सकु । हर जगह उसके आदमी मुझे कुत्ते की तर सुंघकर पहूँच जाते है ।
“अबे तू सामने आया ना, तेरी हड्डियाँ ऐसे बजाऊँगा जैसे ढोलक!”

इतना बोलकर काली फोन काट देता है । विकास सौच मे पड़ जाता है --

" मैने काली को किससे पंगा करवा दिया । कही जानवी तो ये सब नही करा रही है ।"

आदित्य बहोत घायल था क्योकी पुलिस स्टेसन पर उसे बहोत मार पड़ी थी । अनय , पुनम , तिरु , विद्युत , कृतिका , रश्मि, रमेश और बाकी सब कोई वहां पर अनय गुस्से से कहता है --

अनय :- उस जानवी की इतनी हिम्मत , जिसने उसका हरलपल धायन रखा , हर मुसीबत से बचाया और तो और उसके कंपनी को दौ इतने बड़े - बड़े कंट्रेक्ट दिलाया उसे फिर भी उसको तुममे अपना दुश्मन नजर आया , मैं उसके सारे कंट्रक्ट केंसल कर दूगां और उसको कंपनी को बर्बाद कर दूगां , बहोत घंमड है ना उसे अपने पैसो पर । मैं सब कुछ बर्बाद कर दूगां । 

तभी विद्युत किसीको फोन करने जाता है के आदित्य उन्हें ( विद्युत ) को रौकते हूए कहता है --

आदित्य :- नही पापा , छोड़ दिजिए, जाने दिजिए । बाकी कंपनी से जानवी इस काम को और अच्छे तरिके से करेगी ।

विद्युत :- पर बेटा उसे सबक सिखाना जरुरी है ।

आदित्य :- छोड़िये पापा , अब तो वो हमसे दुर जा चुकी है ना । अब उसके बारे मे सौच के क्या फायदा ।

कृतिका :- बस ऐसे ही महान बनते रह तु । और कितना अच्छा बनेगा । लोगो को भी तो जानना जरुरी है के तु है कौन ।

आदित्य : - अगर मुझे जाननेगे तो इसमे मेरा क्या होगा , मेरे तरह से रहने से मैं लोगो को जान पा रहा हूँ । ये सबसे बड़ी बात है । आज एक बात तो पता चल गई के अगर आदमी के पास पैसा और पावर ना हो तो लोग उसे एक मामुली सा रेंगने वाला किड़ा ही समझता है । तुम लोग टेंशन मत लो , वो समय भी जल्द ही आएगा जब मैं जल्द ही सबको सबक सिखाउगां ।


इधर अशोक और जानवी मे बहस चल रहा था तभी अशोक कहता है --

अशोक :- तुम फिर उस विकास के जाल मे फस गई जानवी , तुम उसके प्यार मे इतना अंधी कैसे हो सकती हो । के तुम्हें तुम्हारी बर्बादी भी दिखाई ना दे रही हो ।

जानवी :- आप विकास के बारे मे हमेशा ही गलत सौच रखते हो पापा , कभी अच्छे से सोचिए । 

अशोक :- इंसान अच्छा हो तो सौच भी अच्छी हो ही जाता है । मैं अब भी बोल रहा हूँ तुम आदित्य के पास लौट जाओ और उससे माफी मांग लो , मै जानता हूँ आदित्य तुम्हें अब भी माफ कर देगा ।

जानवी :- उस धोकेबाज, चालबाज इंसान से मैं माफी मागूं , ऐसा आपने सौचा भी कैसे पापा।

अशोक :- तुम गलती कर रही हो बेटा । तुम नही जानती आदित्य कौन है और कैसा है ।

जानवी :- वो एक नम्बर का धोकेबाज , और एक गिरा हूआ इंसान है जो पैसो के लिए कुछ भी कर सकता है । पापा मैने फेसला कर लिया है के मै विकास से शादी करुगी ।

जानवी से इतना सुनकर अशोक हैरान हो जाता है और कहता है --

अशोक :- ये क्या बोल रही हो तुम जानवी , क्यों अपनी जिदंगी खराब करने पर तुली हो । 

जानवी :- ये मेरी लाईफ है और मैं अपनी लाईफ किसके साथ बिताउगी ये मैं अच्छे से जानती हूँ ।

अशोक :- मैं ऐसा कभी नही होने दूगां ।

जानवी :- मैने फेसला कर लिया है अगर आप हमे आशीर्वाद देने आओगे तो ठिक है वरना मत आना ।

जानवी से इतना सुनकर अशोक चोंक जाता है और कहता है --

अशोक :- सही काहा बेटा तुमने , अब तुम बड़ी हो गई हो , समझदार हो गई हो । मैं कौन होता हूँ तुम्हें कुछ बोलने वाला , अब तो मेरा कुछ काम भी नही रह गया है । 

जानवी अशोक के पास आती है और कहती है --

जानवी :- पापा , आप क्यों नही समझते हो , विकास अच्छा लज़का है , अच्छी कंपनी है , अच्छी पॉजिशन है और आदित्य वो क्या है , एक छोटी सी नोकरी तक नही है उसके पास । वो पैसे के लिए कितना गंदा खेल खेला मेरे साथ अगर मैं उसके साथ रहा तो लोग हसेगें हम पर ।

अशोक :- उसे नौकरी करने की जरुरत भी नही जानवी । और तुम जो ये बार बार खेल खेला है कर रही हो ना , तो तुम्हारे पास क्या सबूत है के जो कुछ भी हूआ है वो आदित्य ने किया है । है कुछ सबूत तो बताओ, दिखाओ । वो तो हर कदम पर तुम्हारा साथ दे रहा था । और तुमने उसे पुलिस पिटवा दिया ।

जानवी :- सबूत उसकी गरीबी है पापा । वो पैसे ते लिए ही ये सब कुछ किया है और मैं ये साबित करके रहूँगा ।

अशोक :- वो क्या पैसे के लिए करेगा , जिसको पास खुद इतना पैसा है के वो तेरे जैसे 1000 कंपनीया खड़ा कर सकता है ।

जानवी :- Oh common पापा , अब आप फिर से कोई नई कहानी मत सुरु कर देना । के उस आदित्य के वजह से हमे कंट्रेक्ट मिली या वो एक अरब पति है , वगैरह - वगैरह ।

अशोक :- ये कहानी नही सच है बेटा । आदित्य ने अपनी पहचान छुपा के रखा है वो भारत के सबसे अमिर आदमी विद्युत तिवारी का वही छोटा बेटा है जिसने अपनी कम उम्र मे ही तिवारी ग्रूप को आसमान पर पहूँचा दिया है और वो चारो मॉल उसने अपनी मेहनत से अपना आइडेंटिटी छुपा कर बनाया है । और ये जो कंट्रेक्ट हमे मिला है ना वो भी उसी के वजह से मिला है ।

अशोक से इतना सुनकर जानवी कुछ दैर चुप रहती है और फिर हसने लगती है और कहती है --

जानवी :- हा हा हा ... क्या पापा , आप उस आदित्य के बारे मे कुछ ज्यादा ही सोचने लगते है या लगता है उसने आपको जरुर कुछ पट्टी पड़ाया है । हा हा ... विद्युत तिवारी का छोटा बेटा । क्या पापा आप भी । अगर ऐसा कुछ होता ना , तो जिस तरह ही मार उस आदित्य को पड़ी है उसको घरवाले वो विद्युत तिवारी अब तक दोनो कंट्रेक्ट केसिंल हो गया होता । मैं विकास के पास जा रही हूँ शादी का डेट फिक्स करना है ।

तभी जानवी के फोन पर एक नम्बर पर कॉल आता है --

जानवी :- हलो ।

हॉस्पिटल : - आप जानवी मेम बात कर रही हो ?

जानवी :- जी बोल रही हूँ ।

हॉस्पिटल :- देखिये मेरे यहां पर विकास जी एडमिट है उनका एक्सीडेंट हो गया है आप जल्दी से यहां पर पहूँच जाइए ।

एक्सीडेंट सुनकर जानवी डर जाती है और वो हॉस्पिटल की तरफ चली जाती है!

To be continue.....371