Mere Ishq me Shamil Ruhaniyat he - 69 in Hindi Love Stories by kajal jha books and stories PDF | मेरे इश्क में शामिल रुमानियत है एपिसोड 69

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मेरे इश्क में शामिल रुमानियत है एपिसोड 69


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एपिसोड 69 — “कमज़ोरी पर पहला वार”

झील के किनारे का सन्नाटा अभी भी बाकी था।
अयान और नूर साथ बैठे अपनी धड़कनों को स्थिर करने की कोशिश कर रहे थे।
दोनों ने एक-दूसरे को सच बताया, एक-दूसरे को थामा और अब उनके बीच कोई दूरी बची ही नहीं थी।

लेकिन उन्हें क्या पता था…
उनकी यही नज़दीकी किसी के लिए सबसे बड़ा हथियार बनने वाली है।


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❖ नूर की मुस्कान… और अयान का डर

नूर ने अयान के कंधे पर सिर रख दिया।
“अयान… आज तुमने खुद को मेरे दिल के सामने खोला। अब मुझे तुमसे कुछ नहीं चाहिए… बस प्यार, ईमानदारी और साथ।”

अयान ने उसके माथे पर हाथ फेरा,
“और तुमने मुझे वो हिम्मत दी है जो शायद मैं कभी जुटा ही नहीं पाता। तुम मेरी रौशनी हो, नूर।”

हवा में हल्की ठंडक थी,
और पानी पर चाँद का प्रतिबिंब झिलमिला रहा था।

नूर ने कहा,
“चलो अब घर चलते हैं… देर हो रही है।”

अयान ने उसकी आँखों में देखते हुए कहा—
“चलो… लेकिन आज मैं तुम्हें छोड़कर नहीं जाऊँगा। तुम जब तक घर नहीं पहुँचती… मैं यहीं खड़ा रहूँगा।”

नूर मुस्कुरा पड़ी।
“इतनी भी केयर मत दिखाओ… आदत पड़ गई तो?”

अयान ने हल्की मुस्कान दी—
“पड़ने दो।”

दोनों बाइक की तरफ बढ़े…
लेकिन अयान को एक अजीब-सी बेचैनी महसूस हुई।
उसने पीछे झाड़ी की तरफ देखा,
किसी की मौजूदगी की हल्की-सी भनक… एक परछाईं…
लेकिन नूर को चिंतित न करने के लिए उसने कुछ कहा नहीं।


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❖ रात का पीछा

नूर बाइक के पीछे बैठ चुकी थी।
अयान बाइक स्टार्ट करता उससे पहले उसके हाथ अपने कमर के चारों ओर महसूस हुए।
“पकड़कर बैठो…”
उसने फुसफुसाया।

“मैं तुम्हें कभी छोड़कर गिरने नहीं दूँगी,”
नूर के शब्दों ने अयान के दिल को गर्म कर दिया।

बाइक धीरे-धीरे झील से दूर जाने लगी।
लेकिन जैसे ही वो रास्ते के मोड़ पर पहुँचे—
एक काली कार उनकी पीछे से निकलकर आगे आई।

अयान की नज़र उस कार पर अटक गई—
काले शीशे, तेज़ स्पीड, और बिना नंबर प्लेट।

“ये वही है…?”
अयान के मन में ख्याल आया।

कार कुछ दूरी आगे चलती रही…
फिर अचानक से स्पीड कम की।
अयान सतर्क हो गया।

“अयान… कुछ हुआ क्या?” नूर ने पूछा।

“नहीं…”
उसने झूठ बोला,
“…बस सड़क खराब है।”

लेकिन उसके हाथ हैंडल पर और कस गए थे।

कार ने अचानक से दाईं गली में मोड़ लिया।
अयान ने गहरी सांस ली—
“शायद सिर्फ वहम था…”


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❖ नूर का घर… और एक नज़र जो रह गई पीछे

नूर के घर के बाहर पहुँचकर बाइक रुकी।
नूर उतरी और अयान की तरफ मुड़ी।

उसकी आँखें चमक रही थीं।
“आज के लिए… थैंक्यू।
तुमने मुझे खुद का हिस्सा बना लिया।”

अयान ने उसे हल्की-सी बाँहों में खींचा,
और उसके कान में कहा—
“तुम मेरी रूह हो, नूर।
मैं तुम्हें खो नहीं सकता।”

नूर ने उसकी शर्ट पकड़ ली—
जैसे वो भी छोड़ना नहीं चाहती थी।

“गुड नाइट…”
उसने धीरे से कहा।

अयान ने उसके हाथ छोड़ते हुए कहा—
“गुड नाइट।
और हाँ… किसी अनजान नंबर का फोन आए तो मत उठाना।”

नूर ने हँसकर पूछा,
“क्यों? किसी और लड़के से डरते हो क्या?”

अयान ने आंखें छोटी कर उसे देखा,
“नूर…”

“ठीक है बाबा! नहीं उठाऊंगी।”
वो मुस्कुराते हुए अंदर चली गई।

अयान बाइक पर बैठ गया,
लेकिन जाने से पहले उसने एक आखिरी बार उसकी खिड़की की तरफ देखा।

ठंडी हवा में नूर की हल्की-सी परछाईं दिख रही थी।
अयान के चेहरे पर एक बेचैन-सी मुस्कान आई—
“काश मैं तुम्हें अपनी दुनिया से और दूर रख पाता…”


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❖ अंधेरे का संदेश

अयान घर की तरफ जा ही रहा था कि उसका फोन बजा।

स्क्रीन पर एक अनजान नंबर था।
अयान का दिल धड़का—
“शुरू हो गया खेल…”

उसने फोन उठाया।
उधर से एक गहरी, ठंडी आवाज़ आई—

“अपनी कमजोरी को आज बड़ा प्यार से घर छोड़ आए हो, अयान।”

अयान bike रोककर खड़ा हो गया।
उसका गुस्सा फटने को था।

“कौन हो तुम?”
उसने दांत भींचकर कहा।

हँसी आई—
धीमी… जहरीली…
“जिस अतीत से तुम भाग रहे हो…
वही अतीत हूँ मैं।”

अयान चिल्लाया—
“नूर को किसी ने हाथ भी लगाया तो मैं—”

आवाज़ ने उसकी बात काट दी—
“तुम क्या करोगे, अयान?
तुम जानते हो तुम्हारी कमजोरी पर चोट करना कितना आसान है?”

अयान की साँसे तेज़ हो गईं।

“क्या चाहते हो?”
उसने धड़कते दिल से पूछा।

आवाज़ बोली—
“हमारे पास कुछ तस्वीरें हैं…
तुम दोनों की।
अगर नूर को कुछ नहीं चाहिए…
तो तुम्हें वापस आना होगा।”

अयान की आँखें फैल गईं।
“तो मेरा शक सही था…”

आवाज़ ने आखिरी वाक्य कहा—
“तुम कल रात 12 बजे पुराने फैक्ट्री गोडाउन में मिलोगे। अकेले। वरना नूर की दुनिया… खामोश कर दी जाएगी।”

कॉल कट गया।

अयान ने बाइक के हैंडल को जोर से पकड़ा।
उसकी आँखें खून की तरह लाल हो गईं।

“नूर… मैं तुम्हें बचाऊँगा।
चाहे इसके लिए मुझे वापस उसी अंधेरी दुनिया में जाना पड़े।”


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❖ अगले दिन की सुबह… और तूफ़ान से बेख़बर नूर

सुबह नूर उठी।
वो कल की बातें सोचकर मुस्कुरा रही थी।

उसने फोन उठाया।
अयान का कोई मैसेज नहीं।

नूर ने खुद को समझाया—
“शायद सो गया होगा। रात भी देर हो गई थी।”

वो तैयार होने लगी…
पर उसे क्या पता—

उसके हर कदम पर खतरा मंडरा रहा है।

और अयान…
वो अकेले उस अंधेरे से लड़ने जा रहा है
जिससे उसने सोचा था कि हमेशा के लिए निकल गया है।