Bekhouff Ishq - 14 in Hindi Love Stories by kajal jha books and stories PDF | बेखौफ इश्क - एपिसोड 14

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बेखौफ इश्क - एपिसोड 14

बेखौफ इश्क – एपिसोड 14मोड़, मजबूती और भविष्य की खोजवसंत के रंगों से सराबोर शहर में आयाना का जीवन नई उमंगों से भर गया था। थिएटर के मंच पर सफलता ने उसे आत्मनिर्भरता और नए सपनों से भर दिया, लेकिन अब उसके सामने सबसे बड़ी चुनौती थी—अपने दिल की सच्चाई को समझना और रिश्तों की असली कसौटी को झेलना।नए अवसर, नए सवालराष्ट्रिय नाट्य प्रतियोगिता की सफलता के बाद आयाना के पास कई नए मौके आने लगे। एक प्रतिष्ठित फिल्म निर्देशक ने उसे अपने साथ काम करने का प्रस्ताव दिया। यह प्रस्ताव उसके लिए एक नया अध्याय था, जिसमें बड़े सपने और बड़ी जिम्मेदारियां थीं।लेकिन इस नए सफर के बीच, उसके मन में एक प्रश्न उमड़ा—क्या दुनिया की चमक-धमक में उसकी आत्मा कहीं खो न जाये?उसने सोचते हुए रूही से कहा,
“क्या मैं अपनी जड़ों से दूर होती जा रही हूँ?”
रूही ने समझाते हुए कहा,
“तेज़ हवाओं में भी जड़ें मजबूत होती हैं, बस उन्हें संभालने वाला होना चाहिए।”संस्कार का जीवन चक्रसंस्कार की जिंदगी भी तेजी से बदल रही थी। वह विदेश से लौट चुका था और अब अपने पेशेवर जीवन में कई सफल प्रोजेक्टों में लगा था। लेकिन दिल के कोने में आयाना का ख्याल हमेशा ताज़ा था।एक दिन संस्कार ने किसी दोस्त के साथ बातचीत में कहा,
“प्यार वह नहीं जो साथ हो, बल्कि जो दिल में मौजूद हो।”संस्कार ने अब जीवन के नए निर्णयों पर बहुत सोच विचार किया था। उसने आयाना के लिए भी एक बेहतर भविष्य की कल्पना बनाने लगा।अनिरुद्ध की भूमिकाअनिरुद्ध, जो आयाना का करीबी दोस्त था, एक महत्वपूर्ण मोड़ लेकर आया। उसने आयाना को एक स्वतंत्र फिल्म की स्क्रिप्ट दी, जिसमें महिलाओं की कहानियों को दर्शाया गया था।आयाना ने उस स्क्रिप्ट को पढ़ा और तुरंत मन बना लिया कि वह इसे जरूर करेंगी। इस प्रोजेक्ट ने उसे नए सृजन और अपने विचारों को अभिव्यक्त करने का अवसर दिया।परिवार में घनिष्ठताघर में सब कुछ अच्छा चल रहा था। रूहि की पढ़ाई का प्रगतिक्रम अच्छा था और माँ अब पूरी तरह स्वस्थ थीं। पिता ने भी बेटी की उपलब्धियों पर गर्व जताया।एक दिन परिवार के सदस्य एक-दूसरे के साथ अपनी भावनाएँ साझा कर रहे थे—
“हमारा परिवार अब नयी उमंगों और सपनों से भरा है।”
आयाना ने कहा,
“जब परिवार साथ हो, तो कोई भी कठिनाई छोटी लगती है।”प्रेम और अपनापनराघव और आयाना के बीच दोस्ती का रिश्ता अब गहरा लेकिन सीमित था, दोनों ने अपने-अपने सपनों का सम्मान करना सीखा। संस्कार के साथ आयाना की बातचीत धीरे-धीरे और गहरी हो गई थी, वे अपने रिश्ते को एक नए रूप में देखने लगे थे।संस्कार ने कहा,
“हमारी कहानी एक नए अध्याय में प्रवेश कर रही है।”आयाना ने जवाब दिया,
“यह अध्याय विश्वास, समझ और सम्मान का होगा।”भविष्य की योजनाआयाना ने अपने करियर की नई दिशा चुनने का मन बनाया था। उसने तय किया कि वह अभिनय के साथ-साथ निर्देशन और लेखन में भी हाथ आजमाएगी। अनिरुद्ध और राघव जैसी दोस्ती ने उसे हिम्मत दी।संस्कार ने भी अपने जीवन में स्थिरता लाने की ठानी, परन्तु दोनों ने वादा किया कि वे एक-दूसरे का सहारा हमेशा रहेंगे। 

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