Shoharat ka Ghamand - 144 in Hindi Women Focused by shama parveen books and stories PDF | शोहरत का घमंड - 144

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शोहरत का घमंड - 144

आलिया बेहोश हो जाती है और उसके बेहोश होने के बाद उसकी मां और बहन रोने लगते है।

तभी ईशा बोलती है, "दीदी को क्या हुआ मां"।

तब उसकी मां रोते हुए बोलती है, "पता नहीं, इसे क्या हुआ है इसका पूरा शरीर बुखार से तप रहा है "।

तभी मीनू पानी डालती है आलिया पर मगर वो फिर भी नहीं उठती है।

तब मीनू रोते हुए बोलती है, "मम्मी मुझे बहुत डर लग रहा है ये दीदी को क्या हो गया है ये बेहोश क्यों हो गई है, मम्मी पापा भी ऐसे ही बेहोश हुए थे और उसके बाद नहीं उठे "।

ये सुनते ही उसकी मम्मी जोर जोर से रोने लगती है और बोलती है, "ये क्यो हो गया है मेरी बेटी को और ये तो होटल गई थी तो ये सब"।

तब मीनू रोते हुए बोलती है, "मम्मी आप क्या सोच रही हों जल्दी से दीदी को डॉक्टर के पास ले चलो न "।

उसके बाद मीनू बोलती है, "हा मम्मी जल्दी से दीदी को डॉक्टर के पास ले चलो"।

उसके बाद जैसे तैसे करके वो आलिया को घर के बाहर लाते हैं और ऑटो में करके हॉस्पिटल ले कर चले जाते हैं।

उधर अचानक आर्यन की आंख खुलती है और वो देखता है कि आलिया उसकी बाहों में नहीं होती है वो जल्दी से उठ जाता है और देखता है कि आलिया बेड पर नहीं है और ना ही कमरे में है तभी वो जा कर वाशरूम में देखता है, वो वहां पर भी नहीं होती है।

तभी वो जल्दी से कमरे से बाहर जाता है और देखता है कि आलिया वहां पर भी नहीं होती है। अरुण आराम से सोफे पर बैठ कर चाय पी रहा होता है।

तभी आर्यन अरुण के पास आता है और बोलता है, "आलिया कहा है ?????

तब अरुण बोलता है, "अबे ओए नींद में उठ कर आया है क्या, और तुझे क्या हर जगह आलिया ही चाहिए "।

तब आर्यन बोलता है, "बकवास बंद कर और बता आलिया कहा है ?????

तब अरुण बोलता है, "मैं उसका PA नहीं हूं जो हर वक्त उसकी खबर रखूं, और तूने कल क्या ड्रामा किया था कल होटल में, तुझे बिल्कुल भी शर्म नहीं आई ये सब करते हुए "।

तब आर्यन बोलता है, "बकवास बंद कर तू अपनी "।

उसके बाद आर्यन नौकर से पूछता है। तब एक नौकर बोलता है, "साहब मैने उन्हें ऑटो में जाते हुए देखा था"।

ये सुनते ही आर्यन को गुस्सा आ जाता है और वो बोलता है, "कैसे गई वो घर से बाहर, घर तो मैने कल को को ही लॉक करवा दिया था "।

तब नौकर बोलता है, "वो मैं सब्जी लेने गया था तो लॉक खोल कर गया था"।

ये सुनते ही आर्यन की बहुत गुस्सा आता है और वो उस नौकर को खींच कर थप्पड़ मारता है और बोलता है, "तेरी हिम्मत कैसे हुई लॉक खोलने की, अब तू मेरे हाथों से जिंदा नहीं बेचेगा "।

उसके बाद वो उसे मारने लगता है। तभी अरुण आर्यन को पकड़ता है और बोलता है, "पागल हो गया है क्या ये क्या कर रहा है, तू आलिया का गुस्सा उस बेचारे पर क्यों उतार रहा है, और जब तुझे पता है कि वो तेरे पास नहीं रहना चाहती है तो फिर तू क्यों बार बार अपने पस ले कर आ जाता है "।

तब आर्यन चिल्ला कर बोलता है, "क्योंकि मुझे वो चाहिए अपने पास हर वक्त"।

तब अरुण बोलता है, "पागल मत बन और तुझे अंकल और आंटी बुला रहे हैं"।

तब आर्यन बोलता है, "मुझे किसी के पास नहीं जाना मुझे बस आलिया चाहिए"।

उधर कबीर शेखावत अपने कमरे में होता है तभी उसके पास एक आदमी आता है और बोलता है, "सर मैने आलिया के बारे में सब कुछ पता लगा लिया है"।

तब कबीर शेखावत बोलता है, "क्या पता चला ????

तब वो आदमी बोलता है, " सर वो पहले उस के यहां काम करती थी और सर वो आर्यन उसके पीछे पड़ा हुआ है और उसने जबरदस्ती उससे शादी भी की थी और वो उसे बहुत टॉर्चर भी करता था ............