hindi Best Moral Stories Books Free And Download PDF

Stories and books have been a fundamental part of human culture since the dawn of civilization, acting as a powerful tool for communication, education, and entertainment. Whether told around a campfire, written in ancient texts, or shared through modern media, Moral Stories in hindi books and stories have the unique ability to transcend time and space, connecting people across generations and cult...Read More


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  • पूर्ण-विराम से पहले....!!! - 10

    पूर्ण-विराम से पहले....!!! 10. प्रणय का अक्सर ही फोन आता रहता था| जब उसको पता लग...

  • गवाक्ष - 16

    गवाक्ष 16== "अच्छा ! संगीत व नृत्य-कला के पीछे भी कोई कहानी है क्या?"कॉस...

  • जननम - 15

    जननम अध्याय 15 वह अचानक रुक गया। पीपल का पेड़ दिखा। बहुत विशाल पेड़-उसके बाद बड़े...

चाँद के पार एक चाबी - 5 By Avadhesh Preet

चांद के पार एक कहानी अवधेश प्रीत 5 पिन्टू के पास कुल जमा-पूंजी सौ का यही नोट था और इसे वह दिगंबर मिश्रा को दे दे, ऐसा सोचना ही कष्टकर था। तब? कहां से लाये वह सौ रुपए? ठीक इसी वक्त...

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बारिश, धुआं और दोस्त By Priyadarshan Parag

बारिश, धुआं और दोस्त प्रियदर्शन वह कांप रही है। बारिश की बूंदें उसके छोटे से ललाट पर चमक रही हैं। ‍`सोचा नहीं था कि बारिश इतनी तेज होगी और हवाएं इतनी ठंडी।‍` उसकी आवाज़ में बारिश...

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पूर्ण-विराम से पहले....!!! - 10 By Pragati Gupta

पूर्ण-विराम से पहले....!!! 10. प्रणय का अक्सर ही फोन आता रहता था| जब उसको पता लगा कि मां को सांस लेने और चलने-फिरने में दिक्कत होने लगी है| उसने वापस बीस दिन का प्रोग्राम बनाया| जि...

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गवाक्ष - 16 By Pranava Bharti

गवाक्ष 16== "अच्छा ! संगीत व नृत्य-कला के पीछे भी कोई कहानी है क्या?"कॉस्मॉस अब निश्चिन्त हो गया था, उसे सत्यनिधि से वार्तालाप करने में आनंद आ रहा था उसे । " हाँ, है तो परन...

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उर्वशी - 19 By Jyotsana Kapil

उर्वशी ज्योत्स्ना ‘ कपिल ‘ 19 थोड़ी देर बाद उसने मम्मी को फोन लगाया यह सूचना दी। यह सुनकर सब भौंचक्के रह गए। कुछ पल उन्हें समझ ही न आया कि क्या करें। फिर तय हुआ कि मम्मी पापा दोनो,...

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जननम - 15 By S Bhagyam Sharma

जननम अध्याय 15 वह अचानक रुक गया। पीपल का पेड़ दिखा। बहुत विशाल पेड़-उसके बाद बड़े बोर्ड पर मुंसिपल स्कूल का नाम दिखाई दिया। पीपल के पेड़ के नीचे इधर देखते हुए कौन खड़ी है ? उमा ! उस...

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किशोरीलाल की खाँसी By Deepak sharma

किशोरीलाल की खाँसी किशोरीलाल की खाँसी का प्रारम्भ व अन्त अजीब व विवादास्पद रहा| जिस दिन उसकी पत्नी के तपेदिक का इलाज शुरू किया गया, उसी दिन से किशोरीलाल को उसकी खाँसी ने जो पकड़ा सो...

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आधा आदमी - 31 By Rajesh Malik

आधा आदमी अध्‍याय-31 ‘‘मैंने सबके पीछे अपनी जिंदगी खराब कर ली। पर मुझे कोई समझ नहीं पाया। क्या नहीं किया अपने घरवालों के लिए। देखों कोई अब झांकने तक नहीं आता कि मैं जिंदा भी हूँ या...

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हार गया फौजी बेटा - 4 By Pradeep Shrivastava

हार गया फौजी बेटा - प्रदीप श्रीवास्तव भाग 4 बूढ़ी आंतें भूख से ऐंठने लगीं, जब सहन शक्ति जवाब दे गई और उठने की भी शक्ति न रही तब बेशर्मों की तरह बड़ी बहू को आवाज़ दी। कई बार आवाज देने...

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और उस दिन By Mamta shukla

घटना या हादसे कभी किसी खास को नहीं चुनते,वो एकदम से साधारण दिखने वाले हम और आप जैसे चेहरों को,अपना बना लेते हैं।हर रोज सालों से,अब जब खुद को तो याद नहीं कि पहला कदम कब चला था,तब स...

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पिघलती बर्फ By Hansa Deep

कहानी पिघलती बर्फ डॉ. हंसा दीप आज एक बार फिर कुछ टूटा है भीतर और इतनी जोर से टूटा है कि धमाके के अलावा सब कुछ शांत है। ऐसी शांति जिसमें आदमी खो जाता है हम...

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पुर्जा-पुर्जा मन By Pranava Bharti

पुर्जा-पुर्जा मन ------------------ ये कोई नयी बात नहीं है ,न उसके और न किसी और के लिए । मन तो मन ही होता है चाहे वह किसी का भी क्यों न हो। वह प्रफुल्लित होता है,दुखी होता है,टूटता...

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30 शेड्स ऑफ बेला - 2 By Jayanti Ranganathan

30 शेड्स ऑफ बेला (30 दिन, तीस लेखक और एक उपन्यास) Episode 2: Prathishtha Singh प्रतिष्ठा सिंह आंखों ने ये क्या देखा? बनारस…खाने को ले कर यहां ज्यादा तामझाम नहीं होता। पर पवित्र गाय...

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यारबाज़ - 2 By Vikram Singh

यारबाज़ विक्रम सिंह (2) फिर एक कमांडर जीप आकर वहां रुकी। कमांडर जीप के रुकते ही लोग बची-खुची सीट पर बैठने लगे। कमांडर का खलासी और ड्राईवर दोनों भी कमांडर से उतर कर बाहर यात्रियों क...

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कुछ गाँव गाँव कुछ शहर शहर - 7 By Neena Paul

कुछ गाँव गाँव कुछ शहर शहर 7 पूरे सप्ताह की मेहनत के पश्चात जहाँ अंग्रेज महिलाओं की शामें पब में गुजरतीं हैं वहीं एशियन स्त्रियाँ या तो दुकानों पर अपने पति का हाथ बँटा रही होतीं या...

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वो होती तो... By Vandana Gupta

वो होती तो... स्त्री, शब्द ही काफी है खुद को व्यक्त करने को, पीड़ा और सहनशीलता की मिसाल सामने आ जाती है और हम ढूंढने लगते हैं उसमे असीम सम्भावनाएं बिना जाने वो क्या चाहती है ? उसकी...

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राम रचि राखा - 3 - 2 By Pratap Narayan Singh

राम रचि राखा तूफान (२) सुन्दर वन की यात्रा कैनिंग घाट से आरम्भ होने वाली थी। जो कि सियालदाह स्टेशन से लगभग पैंतालीस किलोमीटर दूर था। सौरभ के पास कैनिंग तक जाने के दो विकल्प थे। एक...

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केसरिया बालम - 19 By Hansa Deep

केसरिया बालम डॉ. हंसा दीप 19 बदली देहरी, बदले पैर बरस पर बरस बीतते रहे। आर्या अब यूनिवर्सिटी की पढ़ाई के लिये बाहर चली गयी थी। अब धानी घर में अकेली थी। परिवार के नाम पर बेकरी के सह...

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आधी दुनिया का पूरा सच - 26 By Dr kavita Tyagi

आधी दुनिया का पूरा सच (उपन्यास) 26. रानी को चन्दू की बातों पर विश्वास नहीं हो रहा था । उसे उस समय की घटना याद हो आयी, जब उसने पहली बार चन्दू और नन्दू कौ देखा था । उस दिन वह मौसी की...

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मेरा स्वर्णिम बंगाल - 3 By Mallika Mukherjee

मेरा स्वर्णिम बंगाल संस्मरण (अतीत और इतिहास की अंतर्यात्रा) मल्लिका मुखर्जी (3) मेरे स्वर्णिम बंगाल आमि तोमाय भालोबासि वर्ष 2012 के नवम्बर माह के पहले सप्ताह में जब रांगा मौसी ने फ...

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जय हिन्द की सेना - 2 By Mahendra Bhishma

जय हिन्द की सेना महेन्द्र भीष्म दो जब मेरी बेहोशी टूटी, तब अचानक पहले के सभी दृश्य फिल्म की तरह मेरे मस्तिष्क में घूम गये। दीदी की याद आते ही, मैंने झिरी से आँगन की ओर देखा। आँगन क...

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समंदर और सफेद गुलाब - 3 - 3 - अंतिम भाग By Ajay Sharma

समंदर और सफेद गुलाब 3 धीरे-धीरे आश्रम में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती जा रही थी और मेरी उलझन उससे भी ज्यादा बढ़ गई। मैं आश्रम में शांति का दूत माना जाता था लेकिन मेरा मन अशांत समंदर...

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होने से न होने तक - 51 - अंतिम भाग By Sumati Saxena Lal

होने से न होने तक 51. ‘‘कालेज से तुम्हारे अलावा कोई गया या नहीं?’’ ‘‘हॉ कुछ लोग गये थे। आफिस से कुछ लोग क्रिमेशन ग्राउण्ड भी गए थे। शाम को भी कुछ टीचर्स पहुची थीं। रोहिणी दी और मिस...

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वो बेचारा सा बड़ा आदमी .... By व्योमेश

व्योमवार्ता/ कहानी, वो बेचारा सा बड़ा आदमी................ * व्योमेश चित्रवंश...

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पिंडदान By Ratna Raidani

सुबह के रोज़मर्रा के कार्यों के बाद जैसे ही फुर्सत मिली और मैंने अपने मोबाइल फ़ोन पर नज़र घुमाई तो पाया कि तीन चार मिस्ड कॉल्स और व्हाट्सएप्प पर कई मैसेजेस थे। एक ही मैसेज को कई लोगों...

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घर चले गंगाजी? By Priyadarshan Parag

घर चले गंगाजी? प्रियदर्शन गंगा जी बेहद मामूली आदमी हैं- इतने मामूली कि उनकी कहानी नहीं बन सकती। इसके बावजूद मैं उनकी कहानी लिखने बैठा हूं। क्या यह मेरा दुस्साहस है? एक लेखक के भीतर...

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एक और परी-वृतान्त By Deepak sharma

एक और परी-वृतान्त अपने पिता और निम्मो आंटी की इस पच्चीसवीं वर्षगाँठ पर हम जुड़वाँ बहनों को अनायास ही एक पुरानी लोकोक्ति ही याद आ जाती है, 'किसी भी मेंढक को देखकर आप अनुमान नहीं...

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अफवाहों के शिकार मासूम - अफवाह By रनजीत कुमार तिवारी

प्रिय पाठकों मेरा सादर प्रणाम मैं रनजीत तिवारी आप सबके बीच ऐसी घटनाओं का वर्णन करने वाला हूं। जिससे आपकी यादों में ताजगी आएगी और आप उस दिन को याद करके हंसने लगेगें या फिर अपने समाज...

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ये कैसा इश्क By Prahlad Pk Verma

ये कहानी है राधिका की है जो एक लड़के से एक एप्प के माध्यम से प्यार करने लग जाती हैं जब राधिका को पता चलता है कि वो लड़का शादीशुदा हैं तो वो कुछ दिनों तक डिप्रेशन में रहती है और ये...

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वानप्रस्थ संकुल समय की मांग हैं : इसे अन्यथा न लें By Meenakshi Dikshit

लगभग एक दशक पूर्व हम केन्द्रीय सेवा के एक उच्चाधिकारी के घर किराये पर रहने गए। उस कोठीनुमा घर के पीछे वाले भाग में दो कमरों का निर्माण किराये पर देने के लिए ही किया गया था। उसके...

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और क्या चाहिए By r k lal

और क्या चाहिए आर0 के0 लाल उस दिन परीक्षा कराने मैं एक परीक्षा केंद्र पर ऑब्जर्वर के रूप में गया था जहां प्रांगण के दूसरे किनारे पर एक छोटी सी बिल्डिंग के आगे...

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उन्हें मुक्ति मिल गई By Sudha Adesh

उन्हें मुक्ति मिल गई पूजा अपना अतीत पीछे छोड़कर इस शहर में नये सिरे से अपनी जिंदगी प्रारंभ करने आई थी । नौकरी तो मिल गई पर रहने का ठिकाना नहीं मिल पा रहा था । किस...

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वो 22 दिन By Vandana Gupta

वो 22 दिन “किसे ज्यादा प्यार करती है मम्मी को या बाऊजी को ?” “मम्मी को” एक अबोध बालक का वार्तालाप जिसे प्यार के वास्तविक अर्थ ही नहीं मालूम । जो सिर्फ़ माँ के साथ सोने उठने बैठने रह...

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सेंधा नमक - 5 - अंतिम भाग By Sudha Trivedi

सेंधा नमक सुधा त्रिवेदी (5) रवि की गवाही पर राजबाला जी को गिरफ्तार किया गया है और फिर तो इंवेस्टिगेशन के बाद राज खुलते गए उन तमाम लडकियों के, जिनके साथ अपनेपन का दिखावा करके वे उन्...

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चाँद के पार एक चाबी - 5 By Avadhesh Preet

चांद के पार एक कहानी अवधेश प्रीत 5 पिन्टू के पास कुल जमा-पूंजी सौ का यही नोट था और इसे वह दिगंबर मिश्रा को दे दे, ऐसा सोचना ही कष्टकर था। तब? कहां से लाये वह सौ रुपए? ठीक इसी वक्त...

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किशोरीलाल की खाँसी By Deepak sharma

किशोरीलाल की खाँसी किशोरीलाल की खाँसी का प्रारम्भ व अन्त अजीब व विवादास्पद रहा| जिस दिन उसकी पत्नी के तपेदिक का इलाज शुरू किया गया, उसी दिन से किशोरीलाल को उसकी खाँसी ने जो पकड़ा सो...

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राम रचि राखा - 3 - 2 By Pratap Narayan Singh

राम रचि राखा तूफान (२) सुन्दर वन की यात्रा कैनिंग घाट से आरम्भ होने वाली थी। जो कि सियालदाह स्टेशन से लगभग पैंतालीस किलोमीटर दूर था। सौरभ के पास कैनिंग तक जाने के दो विकल्प थे। एक...

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समंदर और सफेद गुलाब - 3 - 3 - अंतिम भाग By Ajay Sharma

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अफवाहों के शिकार मासूम - अफवाह By रनजीत कुमार तिवारी

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सेंधा नमक - 5 - अंतिम भाग By Sudha Trivedi

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