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GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

GANESH TEWARI 'NESH' (NASH)

@ganeshptewarigmail.com064906
(891)

माया का पर्दा हटा, पहुंँचा नर शिव लोक। पूर्ण समर्पण से मनुज, पहुँच गया गोलोक।।
दोहा--530
( नैश के दोहे से उद्थृत)
----गणेश तिवारी 'नैश'

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माया नद गहरा बहुत, इसमें नहीं उतार। अहं बोझ को फेक कर, हो सकता नर पार।।
दोहा--529
(नैश के दोहे से उद्धृत)
----गणेश तिवारी 'नैश'

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माया नद गहरा बहुत, इसमें नहीं उतार। अहं बोझ को फेक कर, हो सकता नर पार।।
दोहा--529
(नैश के दोहे से उद्धृत)
----गणेश तिवारी 'नैश'

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माया नद गहरा बहुत, इसमें नहीं उतार। अहं बोझ को फेक कर, हो सकता नर पार।।
दोहा--529
(नैश के दोहे से उद्धृत)
----गणेश तिवारी 'नैश'

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माया नद गहरा बहुत, इसमें नहीं उतार। अहं बोझ को फेक कर, हो सकता नर पार।।
दोहा--529
(नैश के दोहे से उद्धृत)
----गणेश तिवारी 'नैश'

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माया नद गहरा बहुत, इसमें नहीं उतार। अहं बोझ को फेक कर, हो सकता नर पार।।
दोहा--529
(नैश के दोहे से उद्धृत)
----गणेश तिवारी 'नैश'

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माया नद गहरा बहुत, इसमें नहीं उतार। अहं बोझ को फेक कर, हो सकता नर पार।।
दोहा--529
(नैश के दोहे से उद्धृत)
----गणेश तिवारी 'नैश'

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मिले चित्त चैतन्य जब, बनता चेतन बिन्दु। जैसे सागर में नमक, घुलकर बनता सिन्धु़।।
(नैश के दोहे से उद्धृत)
-----गणेश तिवारी 'नैश'

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मिले चित्त चैतन्य जब, बनता चेतन बिन्दु। जैसे सागर में नमक, घुलकर बनता सिन्धु़।।
(नैश के दोहे से उद्धृत)
-----गणेश तिवारी 'नैश'

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मिले चित्त चैतन्य जब, बनता चेतन बिन्दु। जैसे सागर में नमक, घुलकर बनता सिन्धु़।।
(नैश के दोहे से उद्धृत)
-----गणेश तिवारी 'नैश'

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