डबल गेम: मर्यादा वर्सेस मक्कारी by Jyoti Prajapati in Hindi Novels
सुबह के साढ़े पांच बजे थे। शहर की भागदौड़ अभी शुरू नहीं हुई थी, लेकिन भूपेंद्र के घर की रसोई से प्रेशर कुकर की पहली सीटी...
डबल गेम: मर्यादा वर्सेस मक्कारी by Jyoti Prajapati in Hindi Novels
सुबह की सुनहरी धूप अब तीखी होने लगी थी। भूपेंद्र के ऑफिस जाने के बाद घर की हलचल थमी नहीं थी, बल्कि उसका स्वरूप बदल गया थ...
डबल गेम: मर्यादा वर्सेस मक्कारी by Jyoti Prajapati in Hindi Novels
दोपहर के डेढ़ बज रहे थे। सड़क पर स्कूल बसों के हॉर्न की आवाज़ें गूँजने लगी थीं। काया ठीक समय पर घर पहुँच चुकी थी। उसने अ...