भ्रम राक्षस। by Ravi Bhanushali in Hindi Novels
एक बार की बात है—निलेश, जय और पार्थ देर रात निलेश के घर पर पार्टी कर रहे थे। पार्टी खत्म होने के बाद जय और पार्थ अपने-अप...
भ्रम राक्षस। by Ravi Bhanushali in Hindi Novels
साधु की मृत्यु के बाद पुलिस Parth को गिरफ़्तार कर लेती है।उस पर 25 लड़कियों, 5 पुलिसवालों और 1 बच्चे की हत्या का आरोप लग...
भ्रम राक्षस। by Ravi Bhanushali in Hindi Novels
भ्रम राक्षस – (आगे की कहानी)अब त्रिपुर राज ने पार्थ को बेहोश कर दिया था और एक घर में बाँधकर रखा था।और असली भ्रम राक्षस अ...
भ्रम राक्षस। by Ravi Bhanushali in Hindi Novels
अब निलेश, जय और लीलावती सुरक्षित थे, लेकिन बेचारी गाय मर चुकी थी। उनके पास गाय को मारने के अलावा कोई और रास्ता नहीं बचा...
भ्रम राक्षस। by Ravi Bhanushali in Hindi Novels
अब पुलिस लीलावती निलेश और जय को आतंकवादी तांत्रिक समझ रहे थे । वहीं पूरा भारत उन्हें चोर मक्कार कला जादू करने वाला कहते...